Orthopedics
क्या सुबह बिस्तर से उतरते ही जब आप पहला कदम रखते हैं, तो आपकी एड़ी में सुई चुभने जैसा तेज दर्द होता है? या फिर देर तक खड़े रहने, ज्यादा चलने के बाद एड़ी में जलन और भारीपन महसूस होता है? एड़ी में दर्द (Heel Pain) एक बहुत ही आम समस्या है, जो हर उम्र के लोगों को — खासकर देर तक खड़े रहकर काम करने वालों, दौड़ने वालों, मोटापे से ग्रस्त लोगों और गलत जूते-चप्पल पहनने वालों को — परेशान कर सकती है। ज्यादातर मामलों में एड़ी का दर्द किसी गंभीर बीमारी का नहीं, बल्कि एड़ी के नीचे की मांसपेशी-लिगामेंट (Plantar Fascia) में सूजन का संकेत होता है, जो सही देखभाल से ठीक हो जाता है। आइए एड़ी में दर्द के कारण, लक्षण और असरदार घरेलू उपायों को विस्तार से समझें।
संक्षेप में — एड़ी में दर्द:
एड़ी हमारे पूरे शरीर का वजन उठाती है, इसलिए इस पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव, सूजन या चोट दर्द का रूप ले लेती है। एड़ी में दर्द के कारण एक नहीं, बल्कि कई हो सकते हैं। सही इलाज के लिए यह जानना जरूरी है कि दर्द किस वजह से हो रहा है। नीचे दी गई तालिका से आप अपने लक्षणों के आधार पर संभावित कारण को पहचान सकते हैं:
| संभावित कारण | मुख्य लक्षण / पहचान |
|---|---|
| प्लांटर फैसिआइटिस (Plantar Fasciitis) | एड़ी के नीचे तलवे की ओर दर्द, सुबह पहला कदम रखते ही तेज दर्द |
| हील स्पर (Heel Spur / हड्डी का बढ़ना) | एड़ी की हड्डी में कांटे जैसी नुकीली उभार, चलने पर चुभन वाला दर्द |
| एच्लीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis) | एड़ी के पीछे व टखने के ऊपर दर्द और अकड़न, दौड़ने पर बढ़ना |
| गाउट / यूरिक एसिड बढ़ना (Gout) | एड़ी व जोड़ में अचानक तेज दर्द, लाली, सूजन और गर्माहट |
| विटामिन D या कैल्शियम की कमी | दोनों एड़ियों में दर्द, हड्डियों-मांसपेशियों में कमजोरी व थकान |
| गलत फुटवियर व मोटापा | सख्त या घिसे जूते-हाई हील से दर्द, ज्यादा वजन से एड़ी पर दबाव |
यह तालिका केवल शुरुआती समझ के लिए है। सही कारण की पुष्टि जांच (X-ray, ब्लड टेस्ट) और डॉक्टर की जांच के बाद ही होती है। आइए मुख्य कारणों को विस्तार से जानें।
एड़ी दर्द के 10 में से लगभग 8 मामले प्लांटर फैसिआइटिस के होते हैं। यह दर्द एड़ी के ठीक नीचे, तलवे की तरफ महसूस होता है और देर तक खड़े रहने वालों, दौड़ने वालों तथा फ्लैट फुट (Flat Feet) वाले लोगों में आम है।
लंबे समय तक चलने वाली सूजन के कारण एड़ी की हड्डी पर कैल्शियम जमा होकर एक नुकीला उभार (Bone Spur) बन जाता है। यह अक्सर प्लांटर फैसिआइटिस के साथ ही होता है और चलने पर चुभन वाला दर्द देता है।
एड़ी के पीछे को पिंडली की मांसपेशी से जोड़ने वाली मोटी टेंडन (Achilles Tendon) में खिंचाव या सूजन आने से एड़ी के पिछले हिस्से में दर्द और अकड़न होती है। यह अचानक ज्यादा दौड़ने-कूदने वालों में अधिक होता है।
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने (Gout) से एड़ी और जोड़ों में अचानक तेज दर्द, लाली और सूजन हो सकती है। इसके अलावा मोटापा (अतिरिक्त वजन), टखने की चोट, और गलत सख्त जूते या हाई हील पहनना भी एड़ी दर्द के बड़े कारण हैं।
हमारी एड़ी की हड्डी से लेकर पैर की उंगलियों तक एक मोटा, रेशेदार लिगामेंट फैला होता है जिसे "प्लांटर फेशिया" (Plantar Fascia) कहते हैं। यह पैर के आर्च (मेहराब) को सहारा देता है और चलते समय स्प्रिंग की तरह काम करता है। जब इस ऊतक पर बार-बार खिंचाव या अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो इसमें छोटे-छोटे सूक्ष्म घाव (Micro-tears) और सूजन आ जाती है — इसी स्थिति को प्लांटर फैसिआइटिस कहते हैं।
यह समस्या उन लोगों में ज्यादा होती है जो घंटों खड़े रहकर काम करते हैं, कठोर सतह पर दौड़ते हैं, जिनका वजन अधिक है, या जो बिना सपोर्ट वाले सपाट जूते-चप्पल पहनते हैं। अच्छी बात यह है कि सही देखभाल, स्ट्रेचिंग और उपयुक्त फुटवियर से ज्यादातर मरीज बिना सर्जरी के ठीक हो जाते हैं।
यह एड़ी दर्द का सबसे विशिष्ट लक्षण है। रात भर आराम करने के दौरान प्लांटर फेशिया सिकुड़कर छोटी हो जाती है और उसकी सूजन एक जगह जम जाती है। सुबह जैसे ही आप पहला कदम रखते हैं, यह अकड़ी हुई फेशिया अचानक खिंचती है, जिससे एड़ी में तेज सुई चुभने जैसा दर्द होता है। कुछ कदम चलने के बाद जब फेशिया गर्म होकर लचीली हो जाती है, तो दर्द कम हो जाता है।
यही अनुभव देर तक बैठे रहने के बाद या दोपहर में आराम करने के बाद उठने पर भी होता है। अगर आपको हर सुबह पहला कदम रखते ही एड़ी में दर्द होता है, तो यह प्लांटर फैसिआइटिस का सबसे स्पष्ट संकेत है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एड़ी और तलवों के दर्द का एक अहम कारण विटामिन D की कमी है। विटामिन D हड्डियों में कैल्शियम को सोखने में मदद करता है; इसकी कमी से हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और अक्सर दोनों एड़ियों तथा पैरों में दर्द व थकान रहती है। इसके साथ कैल्शियम की कमी भी हड्डियों को कमजोर करके एड़ी दर्द बढ़ा सकती है।
धूप में पर्याप्त समय न बिताने वाले, बुजुर्ग और घर के अंदर रहने वाले लोगों में विटामिन D की कमी आम है। एक साधारण ब्लड टेस्ट से इसका पता चल जाता है। यदि जांच में कमी निकले, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D और कैल्शियम की खुराक तथा धूप, दूध, दही और हरी सब्जियां लेने से राहत मिलती है। ध्यान रहे — बिना जांच के खुद से हाई-डोज विटामिन D न लें।
शुरुआती और हल्के एड़ी दर्द में ये आजमाए हुए घरेलू उपाय बहुत राहत देते हैं। हालांकि ये उपाय डॉक्टर के इलाज का विकल्प नहीं हैं, लेकिन इनसे सूजन और दर्द को काफी कम किया जा सकता है:
अगर आपको एड़ी में दर्द हो रहा है, तो घबराने के बजाय एक व्यवस्थित तरीके से इसका ध्यान रखें। सबसे पहले पैर को आराम दें और ऊपर बताए घरेलू उपाय (बर्फ, स्ट्रेचिंग, सही जूते) अपनाएं। इसके साथ इन बातों का ध्यान रखें:
एड़ी का दर्द आमतौर पर गंभीर नहीं होता, लेकिन इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो देर न करें और हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedic) से मिलें:
एड़ी में दर्द (Heel Pain) एक आम पर परेशान करने वाली समस्या है, जिसका ज्यादातर मामलों में कारण प्लांटर फैसिआइटिस, हील स्पर, विटामिन D की कमी या गलत फुटवियर होता है। अच्छी बात यह है कि समय पर आराम, बर्फ की सिकाई, स्ट्रेचिंग और सही जूतों से अधिकांश मरीज बिना सर्जरी के ठीक हो जाते हैं। लेकिन दर्द को लगातार अनदेखा करना इसे पुराना (Chronic) बना सकता है।
यदि आपकी एड़ी का दर्द घरेलू उपायों से ठीक नहीं हो रहा, बार-बार लौट रहा है या रोजमर्रा के काम मुश्किल कर रहा है, तो सही जांच और इलाज जरूरी है। संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का हड्डी रोग (Orthopedics) विभाग एड़ी दर्द, प्लांटर फैसिआइटिस, हील स्पर और जोड़ों की समस्याओं के सटीक निदान (X-ray, ब्लड टेस्ट) और आधुनिक इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है। आज ही हमारे अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें और दर्द-मुक्त जीवन की ओर पहला कदम बढ़ाएं।