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Home Health Blog | July 20, 2026 | 12 min read

एड़ी में दर्द (Heel Pain) क्यों होता है? कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

एड़ी में दर्द (Heel Pain) क्यों होता है? कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

क्या सुबह बिस्तर से उतरते ही जब आप पहला कदम रखते हैं, तो आपकी एड़ी में सुई चुभने जैसा तेज दर्द होता है? या फिर देर तक खड़े रहने, ज्यादा चलने के बाद एड़ी में जलन और भारीपन महसूस होता है? एड़ी में दर्द (Heel Pain) एक बहुत ही आम समस्या है, जो हर उम्र के लोगों को — खासकर देर तक खड़े रहकर काम करने वालों, दौड़ने वालों, मोटापे से ग्रस्त लोगों और गलत जूते-चप्पल पहनने वालों को — परेशान कर सकती है। ज्यादातर मामलों में एड़ी का दर्द किसी गंभीर बीमारी का नहीं, बल्कि एड़ी के नीचे की मांसपेशी-लिगामेंट (Plantar Fascia) में सूजन का संकेत होता है, जो सही देखभाल से ठीक हो जाता है। आइए एड़ी में दर्द के कारण, लक्षण और असरदार घरेलू उपायों को विस्तार से समझें।

संक्षेप में — एड़ी में दर्द:

  • एड़ी दर्द का सबसे आम कारण प्लांटर फैसिआइटिस (Plantar Fasciitis) है, यानी एड़ी के नीचे के ऊतक में सूजन।
  • सुबह उठते ही या आराम के बाद पहला कदम रखने पर दर्द बढ़ना इसका सबसे बड़ा संकेत है।
  • बर्फ की सिकाई, स्ट्रेचिंग, सही फुटवियर और आराम से अधिकांश मामलों में राहत मिल जाती है।
  • अगर दर्द 2–3 हफ्ते में ठीक न हो, बहुत तेज हो या सूजन-बुखार के साथ हो, तो हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedic) से मिलें।

एड़ी में दर्द के कारण

एड़ी हमारे पूरे शरीर का वजन उठाती है, इसलिए इस पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव, सूजन या चोट दर्द का रूप ले लेती है। एड़ी में दर्द के कारण एक नहीं, बल्कि कई हो सकते हैं। सही इलाज के लिए यह जानना जरूरी है कि दर्द किस वजह से हो रहा है। नीचे दी गई तालिका से आप अपने लक्षणों के आधार पर संभावित कारण को पहचान सकते हैं:

संभावित कारणमुख्य लक्षण / पहचान
प्लांटर फैसिआइटिस (Plantar Fasciitis)एड़ी के नीचे तलवे की ओर दर्द, सुबह पहला कदम रखते ही तेज दर्द
हील स्पर (Heel Spur / हड्डी का बढ़ना)एड़ी की हड्डी में कांटे जैसी नुकीली उभार, चलने पर चुभन वाला दर्द
एच्लीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis)एड़ी के पीछे व टखने के ऊपर दर्द और अकड़न, दौड़ने पर बढ़ना
गाउट / यूरिक एसिड बढ़ना (Gout)एड़ी व जोड़ में अचानक तेज दर्द, लाली, सूजन और गर्माहट
विटामिन D या कैल्शियम की कमीदोनों एड़ियों में दर्द, हड्डियों-मांसपेशियों में कमजोरी व थकान
गलत फुटवियर व मोटापासख्त या घिसे जूते-हाई हील से दर्द, ज्यादा वजन से एड़ी पर दबाव

यह तालिका केवल शुरुआती समझ के लिए है। सही कारण की पुष्टि जांच (X-ray, ब्लड टेस्ट) और डॉक्टर की जांच के बाद ही होती है। आइए मुख्य कारणों को विस्तार से जानें।

1. प्लांटर फैसिआइटिस — सबसे आम कारण

एड़ी दर्द के 10 में से लगभग 8 मामले प्लांटर फैसिआइटिस के होते हैं। यह दर्द एड़ी के ठीक नीचे, तलवे की तरफ महसूस होता है और देर तक खड़े रहने वालों, दौड़ने वालों तथा फ्लैट फुट (Flat Feet) वाले लोगों में आम है।

2. हील स्पर (एड़ी की हड्डी का बढ़ना)

लंबे समय तक चलने वाली सूजन के कारण एड़ी की हड्डी पर कैल्शियम जमा होकर एक नुकीला उभार (Bone Spur) बन जाता है। यह अक्सर प्लांटर फैसिआइटिस के साथ ही होता है और चलने पर चुभन वाला दर्द देता है।

3. एच्लीस टेंडिनाइटिस

एड़ी के पीछे को पिंडली की मांसपेशी से जोड़ने वाली मोटी टेंडन (Achilles Tendon) में खिंचाव या सूजन आने से एड़ी के पिछले हिस्से में दर्द और अकड़न होती है। यह अचानक ज्यादा दौड़ने-कूदने वालों में अधिक होता है।

4. गाउट (यूरिक एसिड) और अन्य कारण

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने (Gout) से एड़ी और जोड़ों में अचानक तेज दर्द, लाली और सूजन हो सकती है। इसके अलावा मोटापा (अतिरिक्त वजन), टखने की चोट, और गलत सख्त जूते या हाई हील पहनना भी एड़ी दर्द के बड़े कारण हैं।

प्लांटर फैसिआइटिस (Plantar Fasciitis) क्या है

हमारी एड़ी की हड्डी से लेकर पैर की उंगलियों तक एक मोटा, रेशेदार लिगामेंट फैला होता है जिसे "प्लांटर फेशिया" (Plantar Fascia) कहते हैं। यह पैर के आर्च (मेहराब) को सहारा देता है और चलते समय स्प्रिंग की तरह काम करता है। जब इस ऊतक पर बार-बार खिंचाव या अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो इसमें छोटे-छोटे सूक्ष्म घाव (Micro-tears) और सूजन आ जाती है — इसी स्थिति को प्लांटर फैसिआइटिस कहते हैं।

यह समस्या उन लोगों में ज्यादा होती है जो घंटों खड़े रहकर काम करते हैं, कठोर सतह पर दौड़ते हैं, जिनका वजन अधिक है, या जो बिना सपोर्ट वाले सपाट जूते-चप्पल पहनते हैं। अच्छी बात यह है कि सही देखभाल, स्ट्रेचिंग और उपयुक्त फुटवियर से ज्यादातर मरीज बिना सर्जरी के ठीक हो जाते हैं।

सुबह उठते ही एड़ी में दर्द क्यों होता है

यह एड़ी दर्द का सबसे विशिष्ट लक्षण है। रात भर आराम करने के दौरान प्लांटर फेशिया सिकुड़कर छोटी हो जाती है और उसकी सूजन एक जगह जम जाती है। सुबह जैसे ही आप पहला कदम रखते हैं, यह अकड़ी हुई फेशिया अचानक खिंचती है, जिससे एड़ी में तेज सुई चुभने जैसा दर्द होता है। कुछ कदम चलने के बाद जब फेशिया गर्म होकर लचीली हो जाती है, तो दर्द कम हो जाता है।

यही अनुभव देर तक बैठे रहने के बाद या दोपहर में आराम करने के बाद उठने पर भी होता है। अगर आपको हर सुबह पहला कदम रखते ही एड़ी में दर्द होता है, तो यह प्लांटर फैसिआइटिस का सबसे स्पष्ट संकेत है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

एड़ी में दर्द किस विटामिन की कमी से होता है

एड़ी और तलवों के दर्द का एक अहम कारण विटामिन D की कमी है। विटामिन D हड्डियों में कैल्शियम को सोखने में मदद करता है; इसकी कमी से हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और अक्सर दोनों एड़ियों तथा पैरों में दर्द व थकान रहती है। इसके साथ कैल्शियम की कमी भी हड्डियों को कमजोर करके एड़ी दर्द बढ़ा सकती है।

धूप में पर्याप्त समय न बिताने वाले, बुजुर्ग और घर के अंदर रहने वाले लोगों में विटामिन D की कमी आम है। एक साधारण ब्लड टेस्ट से इसका पता चल जाता है। यदि जांच में कमी निकले, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D और कैल्शियम की खुराक तथा धूप, दूध, दही और हरी सब्जियां लेने से राहत मिलती है। ध्यान रहे — बिना जांच के खुद से हाई-डोज विटामिन D न लें।

एड़ी में दर्द का घरेलू इलाज

शुरुआती और हल्के एड़ी दर्द में ये आजमाए हुए घरेलू उपाय बहुत राहत देते हैं। हालांकि ये उपाय डॉक्टर के इलाज का विकल्प नहीं हैं, लेकिन इनसे सूजन और दर्द को काफी कम किया जा सकता है:

  • बर्फ की सिकाई (Ice Pack): एक पतले कपड़े में बर्फ लपेटकर एड़ी पर दिन में 2–3 बार, 15–20 मिनट सिकाई करें। यह सूजन और दर्द दोनों घटाता है। (बर्फ सीधे त्वचा पर न लगाएं।)
  • स्ट्रेचिंग व्यायाम (Stretching): सुबह बिस्तर से उतरने से पहले पंजे और पिंडली की हल्की स्ट्रेचिंग करें। दीवार का सहारा लेकर पिंडली खींचना और एक बोतल/रोलर को पैर के तलवे के नीचे घुमाना बहुत फायदेमंद है।
  • एप्सम सॉल्ट (Epsom Salt) से सिकाई: गुनगुने पानी में एप्सम सॉल्ट डालकर 15–20 मिनट पैर डुबोकर रखें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और अकड़न कम होती है।
  • सही फुटवियर पहनें: मुलायम कुशन और अच्छे आर्च सपोर्ट वाले जूते पहनें। सपाट चप्पल, घिसे हुए जूते और हाई हील से बचें। जरूरत हो तो सिलिकॉन हील पैड या इनसोल का उपयोग करें।
  • आराम और वजन नियंत्रण: दर्द वाले दिनों में ज्यादा दौड़ने-कूदने से बचें और शरीर का वजन संतुलित रखें, क्योंकि अतिरिक्त वजन एड़ी पर सीधा दबाव डालता है।

एड़ी में दर्द के लिए क्या करें

अगर आपको एड़ी में दर्द हो रहा है, तो घबराने के बजाय एक व्यवस्थित तरीके से इसका ध्यान रखें। सबसे पहले पैर को आराम दें और ऊपर बताए घरेलू उपाय (बर्फ, स्ट्रेचिंग, सही जूते) अपनाएं। इसके साथ इन बातों का ध्यान रखें:

  • दर्द वाली गतिविधियों (लंबी दौड़, कठोर सतह पर व्यायाम) से कुछ दिन ब्रेक लें।
  • रोज सुबह-शाम पैर के तलवे और पिंडली की स्ट्रेचिंग को आदत बनाएं।
  • नंगे पैर सख्त फर्श पर ज्यादा न चलें; घर में भी सपोर्ट वाली चप्पल पहनें।
  • अगर दर्द तेज है, तो डॉक्टर की सलाह पर ही सूजन-रोधी दवा (जैसे पैरासिटामोल/इबुप्रोफेन) लें — खुद से लंबे समय तक दर्दनिवारक न खाएं।
  • 2–3 हफ्ते के घरेलू उपायों के बाद भी आराम न मिले, तो हड्डी रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं। वे फिजियोथेरेपी, सही इनसोल या जरूरत पड़ने पर अन्य इलाज की सलाह देंगे।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

एड़ी का दर्द आमतौर पर गंभीर नहीं होता, लेकिन इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो देर न करें और हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedic) से मिलें:

  • 2–3 हफ्ते के घरेलू उपचार के बाद भी दर्द ठीक न हो या बढ़ता जाए।
  • एड़ी में तेज सूजन, लाली, गर्माहट या बुखार के साथ दर्द (संक्रमण या गाउट का संकेत)।
  • चोट या गिरने के बाद अचानक तेज दर्द, जिससे पैर पर वजन डालना मुश्किल हो।
  • दोनों एड़ियों में लगातार दर्द के साथ कमजोरी, हड्डियों में दर्द या बहुत थकान।
  • डायबिटीज के मरीज में एड़ी का दर्द, सुन्नपन या कोई घाव — इसे तुरंत दिखाएं।

निष्कर्ष

एड़ी में दर्द (Heel Pain) एक आम पर परेशान करने वाली समस्या है, जिसका ज्यादातर मामलों में कारण प्लांटर फैसिआइटिस, हील स्पर, विटामिन D की कमी या गलत फुटवियर होता है। अच्छी बात यह है कि समय पर आराम, बर्फ की सिकाई, स्ट्रेचिंग और सही जूतों से अधिकांश मरीज बिना सर्जरी के ठीक हो जाते हैं। लेकिन दर्द को लगातार अनदेखा करना इसे पुराना (Chronic) बना सकता है।

यदि आपकी एड़ी का दर्द घरेलू उपायों से ठीक नहीं हो रहा, बार-बार लौट रहा है या रोजमर्रा के काम मुश्किल कर रहा है, तो सही जांच और इलाज जरूरी है। संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का हड्डी रोग (Orthopedics) विभाग एड़ी दर्द, प्लांटर फैसिआइटिस, हील स्पर और जोड़ों की समस्याओं के सटीक निदान (X-ray, ब्लड टेस्ट) और आधुनिक इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है। आज ही हमारे अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें और दर्द-मुक्त जीवन की ओर पहला कदम बढ़ाएं।

Frequently Asked Questions

रात भर आराम के दौरान एड़ी के नीचे की प्लांटर फेशिया सिकुड़कर अकड़ जाती है। सुबह पहला कदम रखते ही यह अचानक खिंचती है, जिससे एड़ी में तेज सुई चुभने जैसा दर्द होता है। कुछ कदम चलने के बाद फेशिया लचीली होने पर दर्द कम हो जाता है। यह प्लांटर फैसिआइटिस का सबसे आम संकेत है।

प्लांटर फैसिआइटिस एड़ी दर्द का सबसे आम कारण है। इसमें एड़ी से पैर की उंगलियों तक फैले मोटे ऊतक (प्लांटर फेशिया) में बार-बार खिंचाव और दबाव से सूजन व सूक्ष्म घाव आ जाते हैं। यह देर तक खड़े रहने वालों, दौड़ने वालों और अधिक वजन वाले लोगों में आम है, और सही देखभाल से बिना सर्जरी ठीक हो जाता है।

एड़ी और पैरों के दर्द का एक प्रमुख कारण विटामिन D की कमी है, क्योंकि यह हड्डियों में कैल्शियम सोखने में मदद करता है और इसकी कमी से हड्डियां-मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इसके साथ कैल्शियम की कमी भी एड़ी दर्द बढ़ा सकती है। एक साधारण ब्लड टेस्ट से पता चलने पर डॉक्टर की सलाह से इनकी खुराक लेने से राहत मिलती है।

हल्के एड़ी दर्द में बर्फ की सिकाई (दिन में 2-3 बार 15-20 मिनट), पंजे व पिंडली की स्ट्रेचिंग, गुनगुने एप्सम सॉल्ट पानी में पैर डुबोना, और अच्छे आर्च सपोर्ट व कुशन वाले जूते पहनना बहुत राहत देता है। दर्द वाले दिनों में पैर को आराम दें और वजन नियंत्रित रखें। ये उपाय डॉक्टर के इलाज का विकल्प नहीं हैं।

सबसे पहले पैर को आराम दें, बर्फ की सिकाई व स्ट्रेचिंग करें और सही सपोर्ट वाले जूते पहनें। नंगे पैर सख्त फर्श पर चलने और लंबी दौड़ से बचें। अगर 2-3 हफ्ते में आराम न मिले, दर्द बहुत तेज हो, या सूजन-लाली-बुखार के साथ हो, तो हड्डी रोग विशेषज्ञ से मिलें। डायबिटीज के मरीज एड़ी दर्द या घाव को तुरंत दिखाएं।

हील स्पर एड़ी की हड्डी पर कैल्शियम जमने से बना नुकीला उभार है, जो अक्सर लंबे समय की सूजन के साथ बनता है। यह आमतौर पर खतरनाक नहीं होता और ज्यादातर मामलों में आराम, स्ट्रेचिंग, सही फुटवियर, इनसोल व फिजियोथेरेपी से दर्द नियंत्रित हो जाता है। सर्जरी की जरूरत बहुत कम मामलों में पड़ती है, जब अन्य इलाज से आराम न मिले।
Dr. Tanay Goyal

MBBS, MS (Orthopedics) - Orthopedic Surgeon, Sankalp Hospital

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