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Home Health Blog | May 07, 2026 | 11 min read

पैरों में सूजन क्यों आती है? कारण, कौन सा टेस्ट करें और घरेलू उपाय

पैरों में सूजन क्यों आती है? कारण, कौन सा टेस्ट करें और घरेलू उपाय

पैरों, टखनों (Ankles) या पंजों में सूजन आना एक बेहद आम समस्या है, जिसे मेडिकल भाषा में 'एडिमा' (Edema) कहा जाता है। यह समस्या तब उत्पन्न होती है जब शरीर के ऊतकों (Tissues) में अतिरिक्त तरल पदार्थ (Fluid) जमा हो जाता है। अक्सर लोग लंबी यात्रा के बाद या दिन भर खड़े रहने के कारण पैरों में सूजन का अनुभव करते हैं, जो आराम करने से ठीक हो जाता है। लेकिन यदि आपके पैरों में सूजन लगातार बनी रहती है, या यह दर्दनाक है, तो यह दिल, किडनी या लिवर जैसी किसी गंभीर अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है।

"पैरों की सूजन को सिर्फ थकावट समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि यह सूजन लगातार बढ़ रही है और इसमें दर्द या लालिमा है, तो यह किसी गंभीर वैस्कुलर (रक्त वाहिका) या सिस्टमिक बीमारी का पहला अलार्म हो सकता है।"

पैरों में सूजन (Edema) क्यों होती है? इसके मुख्य कारण

पैरों में सूजन के कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें जीवनशैली से जुड़ी सामान्य समस्याओं से लेकर गंभीर मेडिकल स्थितियों तक में बांटा जा सकता है:

1. जीवनशैली से जुड़े कारण (Lifestyle Factors)

  • लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना: जब आप बहुत देर तक एक ही स्थिति में होते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण रक्त और तरल पदार्थ आपके पैरों में जमा होने लगता है। मांसपेशियों की गतिविधि न होने से रक्त को वापस हृदय तक पहुंचने में मुश्किल होती है।
  • अत्यधिक नमक का सेवन: आहार में बहुत अधिक सोडियम (नमक) लेने से शरीर में पानी का जमाव (Water retention) होने लगता है, जो पैरों में सूजन के रूप में दिखाई देता है।
  • मोटापा (Obesity): अतिरिक्त शरीर का वजन पैरों के जोड़ों और रक्त वाहिकाओं पर अत्यधिक दबाव डालता है, जिससे परिसंचरण (Circulation) धीमा हो जाता है।

2. चिकित्सा संबंधी कारण (Medical Conditions)

यदि सूजन जीवनशैली के कारण नहीं है, तो इसके पीछे ये गंभीर बीमारियां हो सकती हैं:

  • क्रोनिक वेनस इनसफिशिएंसी (CVI): यह सूजन का एक बहुत ही सामान्य कारण है। इसमें पैरों की नसों के वाल्व (Valves) कमजोर हो जाते हैं और रक्त को हृदय तक वापस पंप करने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे रक्त पैरों में ही जमा होने लगता है।
  • कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (Congestive Heart Failure): जब हृदय शरीर के चारों ओर प्रभावी ढंग से रक्त पंप करने के लिए बहुत कमजोर हो जाता है, तो रक्त पैरों, टखनों और पैरों में वापस जमा होने लगता है।
  • किडनी की बीमारी (Kidney Disease): किडनी का मुख्य काम शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ और सोडियम को बाहर निकालना है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो यह तरल पदार्थ शरीर में जमा होकर एडिमा (सूजन) का कारण बनता है।
  • लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis): लिवर की बीमारियों के कारण रक्त में प्रोटीन (एल्ब्यूमिन) का स्तर गिर जाता है। यह प्रोटीन रक्त वाहिकाओं में तरल पदार्थ को बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी से तरल पदार्थ ऊतकों में रिसने लगता है।
  • डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT): यह एक खतरनाक स्थिति है जिसमें पैर की गहरी नस में खून का थक्का (Blood Clot) जम जाता है। यह आमतौर पर एक पैर में अचानक सूजन, दर्द और लालिमा का कारण बनता है।
  • लिम्फेडेमा (Lymphedema): लिम्फैटिक सिस्टम में रुकावट के कारण लसीका द्रव (Lymph fluid) का जमाव होने से ऊतकों में भारी सूजन आ जाती है।

3. गर्भावस्था (Pregnancy)

गर्भावस्था के दौरान शरीर में तरल पदार्थ का उत्पादन बढ़ जाता है और बढ़ता हुआ गर्भाशय पेल्विस की नसों पर दबाव डालता है। इससे पैरों में हल्की सूजन आना सामान्य है। लेकिन अचानक और बहुत ज्यादा सूजन 'प्री-एक्लेमप्सिया' (Preeclampsia) नामक खतरनाक स्थिति का संकेत हो सकती है।

पैरों में सूजन के लक्षण (Symptoms of Edema)

सूजन के साथ-साथ आपको अन्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, जो इसके मूल कारण की ओर इशारा करते हैं:

  • सूजन वाले हिस्से की त्वचा का खिंचा हुआ और चमकदार दिखना।
  • उंगली से दबाने पर त्वचा में गड्ढा (Pit) बन जाना (पिटिंग एडिमा)।
  • पैरों या टखनों में भारीपन या दर्द महसूस होना।
  • जूते या मोजे अचानक तंग महसूस होना।
  • प्रभावित पैर की त्वचा का लाल या गर्म होना (जो संक्रमण या DVT का संकेत हो सकता है)।

सिर्फ एक ही पैर (दाएं या बाएं) में सूजन क्यों आती है?

अगर सूजन दोनों पैरों में एक साथ है, तो कारण अक्सर पूरे शरीर से जुड़ा होता है — जैसे हृदय, किडनी या लिवर की बीमारी या अधिक नमक। लेकिन यदि सूजन सिर्फ एक ही पैर (केवल दाएं या बाएं) में हो, तो इसका कारण आमतौर पर उसी पैर तक सीमित (Local) होता है:

  • डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT): एक पैर की गहरी नस में खून का थक्का — अचानक सूजन, दर्द और गर्माहट के साथ। यह एक इमरजेंसी है।
  • सेल्युलाइटिस (त्वचा संक्रमण): एक पैर लाल, गर्म और सूजा हुआ, अक्सर बुखार के साथ।
  • चोट या मोच: टखने या घुटने की चोट से एकतरफा सूजन।
  • लिम्फेडेमा या नस की समस्या: उसी पैर के लसीका (Lymph) या रक्त प्रवाह में रुकावट।

एक पैर में अचानक सूजन के साथ तेज दर्द, लालिमा या गर्माहट हो, तो इसे नजरअंदाज न करें — तुरंत डॉक्टर से मिलें।

पैरों में सूजन आने पर कौन सा टेस्ट करना चाहिए?

सूजन का सही कारण जानने के लिए डॉक्टर लक्षणों के अनुसार ये जांच करवा सकते हैं:

  • किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और यूरिन टेस्ट: किडनी की समस्या और पेशाब में प्रोटीन की जांच।
  • लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT): लिवर और एल्ब्यूमिन (प्रोटीन) का स्तर।
  • ECG / इकोकार्डियोग्राम (ECHO): हृदय की कार्यक्षमता जांचने के लिए।
  • वीनस डॉपलर अल्ट्रासाउंड: एक पैर की सूजन में खून का थक्का (DVT) पता करने के लिए।
  • थायरॉयड प्रोफाइल (TSH), CBC और ब्लड शुगर: सूजन के अन्य सामान्य कारणों की पहचान के लिए।

पैरों की सूजन कम करने के असरदार घरेलू उपाय (Home Remedies)

यदि आपकी सूजन किसी गंभीर मेडिकल स्थिति के कारण नहीं है, तो आप इन घरेलू उपायों से तुरंत राहत पा सकते हैं:

1. पैरों को हृदय के स्तर से ऊपर उठाएं (Elevation)

जब भी आप लेटें या बैठें, तो अपने पैरों के नीचे 2-3 तकिए रख लें ताकि आपके पैर आपके हृदय के स्तर से ऊपर रहें। इससे गुरुत्वाकर्षण के कारण पैरों में जमा हुआ तरल पदार्थ आसानी से वापस हृदय की ओर बहने लगता है। दिन में 3-4 बार 20 मिनट के लिए ऐसा करें।

2. सेंधा नमक (Epsom Salt) के पानी से सिकाई

एप्सम सॉल्ट में मैग्नीशियम सल्फेट होता है जो त्वचा के माध्यम से अवशोषित होकर मांसपेशियों को आराम देता है और सूजन को कम करता है। एक बाल्टी गुनगुने पानी में आधा कप एप्सम सॉल्ट मिलाएं और अपने पैरों को 15-20 मिनट के लिए उसमें डुबोकर रखें।

3. संपीड़न मोज़े (Compression Socks) पहनें

कम्प्रेशन मोज़े पैरों की नसों पर हल्का दबाव डालते हैं, जो रक्त और तरल पदार्थ को पैरों में जमा होने से रोकता है और परिसंचरण में सुधार करता है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिन्हें लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना पड़ता है।

4. मैग्नीशियम युक्त आहार लें

शरीर में मैग्नीशियम की कमी से वाटर रिटेंशन (पानी का जमाव) हो सकता है। अपने आहार में बादाम, काजू, पालक, डार्क चॉकलेट और एवोकाडो जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

5. हाइड्रेटेड रहें (खूब पानी पिएं)

यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन पर्याप्त पानी न पीने से आपका शरीर तरल पदार्थ को 'बचाकर' (Retain) रखने लगता है। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने से शरीर से अतिरिक्त सोडियम और अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे सूजन कम होती है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? (When to See a Doctor)

हालांकि हल्की सूजन सामान्य है, लेकिन निम्नलिखित 'रेड फ्लैग' लक्षणों के दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें:

  • अचानक केवल एक पैर में तेज सूजन और दर्द होना (DVT का संकेत)।
  • सूजन के साथ छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या चक्कर आना (हृदय की समस्या का संकेत)।
  • प्रभावित पैर की त्वचा का लाल होना, छूने पर गर्म लगना या बुखार आना (सेल्युलाइटिस या संक्रमण)।
  • यदि आप गर्भवती हैं और अचानक आपके चेहरे, हाथों या पैरों में तेज सूजन आ गई है।
  • यदि घरेलू उपायों के बावजूद सूजन कई दिनों तक बनी रहे या बढ़ती जाए।

निष्कर्ष

पैरों में सूजन एक चेतावनी हो सकती है कि आपके शरीर की आंतरिक प्रणालियाँ ठीक से काम नहीं कर रही हैं। अपनी जीवनशैली में सुधार करें, नमक का सेवन कम करें और नियमित रूप से व्यायाम करें।

यदि आपको बार-बार पैरों में सूजन की शिकायत रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का जनरल मेडिसिन और कार्डियोलॉजी विभाग इस समस्या के सटीक निदान और उपचार के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। आज ही हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें और एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

Frequently Asked Questions

सूजन का कारण जानने के लिए डॉक्टर आमतौर पर कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT - क्रिएटिनिन), लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), यूरिन टेस्ट (प्रोटीन की जांच के लिए), ब्लड शुगर, और हृदय की जांच के लिए ईसीजी (ECG) या इकोकार्डियोग्राम (ECHO) की सलाह दे सकते हैं। नसों में थक्के (DVT) की जांच के लिए वीनस डॉपलर अल्ट्रासाउंड किया जाता है।

नहीं, यदि आपके किडनी और हृदय स्वस्थ हैं, तो ज्यादा पानी पीने से सूजन नहीं बढ़ती, बल्कि कम होती है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर से अतिरिक्त सोडियम (नमक) पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाता है। हालांकि, यदि आपको सीवियर किडनी या हार्ट फेलियर है, तो डॉक्टर आपको तरल पदार्थ (Fluid restriction) कम लेने की सलाह दे सकते हैं।

लंबी उड़ान या कार यात्रा के दौरान हर 1-2 घंटे में उठकर थोड़ा चलें। बैठे हुए भी अपने पैरों और पंजों को घुमाते रहें। यात्रा से पहले कम्प्रेशन सॉक्स (Compression socks) पहनें और आरामदायक, ढीले कपड़े पहनें। बहुत अधिक कैफीन या शराब पीने से बचें और खूब पानी पिएं।

हाँ, कुछ ब्लड प्रेशर की दवाइयां, विशेष रूप से 'कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स' (जैसे एम्लोडिपिन - Amlodipine), पैरों और टखनों में तरल पदार्थ के जमाव (Peripheral edema) का कारण बन सकती हैं। यदि आपको लगता है कि दवा से सूजन हो रही है, तो दवा खुद बंद न करें, बल्कि अपने डॉक्टर से मिलकर इसे बदलने को कहें।

दोनों पैरों में एक साथ सूजन आमतौर पर किसी सिस्टमिक समस्या (पूरे शरीर को प्रभावित करने वाली) जैसे हृदय, किडनी, लिवर की बीमारी या अधिक नमक खाने के कारण होती है। जबकि अचानक केवल एक पैर में सूजन अक्सर उस पैर की नस में थक्का (DVT), लिम्फेटिक रुकावट या किसी स्थानीय संक्रमण (सेल्युलाइटिस) का संकेत होती है।

हाँ, बिल्कुल। चलने-फिरने से आपके पैरों (विशेषकर काफ़ - Calf) की मांसपेशियां पंप की तरह काम करती हैं, जो रक्त और तरल पदार्थ को गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ वापस हृदय की ओर धकेलने में मदद करती हैं। रोज 30 मिनट की हल्की सैर सूजन को रोकने का बेहतरीन तरीका है।
Dr. Shailesh Gupta

MBBS, MD - Consultant Physician, Sankalp Hospital

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