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Home Health Blog | July 20, 2026 | 11 min read

आँखों के नीचे सूजन क्यों आती है? कारण और घरेलू उपाय

आँखों के नीचे सूजन क्यों आती है? कारण और घरेलू उपाय

सुबह उठते ही आंखों के नीचे हल्की सूजन या फूली हुई थैली (Puffy Eyes) दिखना बहुत आम बात है। ज्यादातर मामलों में यह कम नींद, ज्यादा नमक या आंखों के नीचे तरल पदार्थ जमा हो जाने (Fluid Retention) से होती है और कुछ घंटों में अपने आप कम हो जाती है। लेकिन कभी-कभी आंखों के नीचे की सूजन (Periorbital Edema) चेहरे, पैरों की सूजन या पेशाब में झाग के साथ मिलकर किडनी या थायरॉयड जैसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकती है। इस लेख में हम समझेंगे कि आंखों के नीचे सूजन क्यों आती है, कब यह सामान्य है और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है, और घर पर इसे कम करने के सुरक्षित उपाय क्या हैं।

संक्षेप में — जल्दी जवाब:

  • अगर सूजन सिर्फ सुबह हो और दिन चढ़ते ही कम हो जाए — तो यह अक्सर नींद, नमक या पानी के जमाव से होती है, चिंता की बात नहीं।
  • ठंडी सिकाई, नमक कम करना, अच्छी नींद और पर्याप्त पानी — इन उपायों से हल्की सूजन में राहत मिलती है।
  • अगर सूजन लगातार बनी रहे, या चेहरे-पैरों में सूजन, पेशाब में झाग व सांस फूलने के साथ हो — तो तुरंत किडनी व थायरॉयड की जांच करवाएं।
"आंखों के नीचे की हल्की सूजन अक्सर हानिरहित होती है, लेकिन जब यह पैरों व चेहरे की सूजन के साथ जुड़ जाए, तो इसे केवल थकान समझकर टालना ठीक नहीं — यह शरीर के भीतर किडनी या हृदय की गड़बड़ी का पहला संकेत हो सकता है।"

आँखों के नीचे सूजन के कारण

आंखों के आसपास की त्वचा शरीर की सबसे पतली और नाजुक त्वचा होती है, इसलिए यहां थोड़ा सा तरल पदार्थ जमने पर भी सूजन साफ दिखने लगती है। आँखों के नीचे सूजन के कारण सामान्य जीवनशैली से जुड़े भी हो सकते हैं और किसी बीमारी से भी। मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:

1. तरल पदार्थ का जमाव और ज्यादा नमक (Fluid Retention)

रात में जब हम लेटते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण शरीर का तरल आंखों के आसपास के ऊतकों में जमा हो जाता है। भोजन में बहुत ज्यादा नमक (Sodium) खाने से शरीर अतिरिक्त पानी रोकता है, जिससे सुबह सूजन और बढ़ जाती है। यह आंखों के नीचे सूजन का सबसे आम और हानिरहित कारण है।

2. कम या खराब नींद (Poor Sleep)

पर्याप्त नींद न लेना, देर रात तक जागना या मोबाइल/स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल आंखों के आसपास रक्त संचार बिगाड़ देता है और सूजन व काले घेरे पैदा करता है।

3. रोना और एलर्जी (Crying & Allergy)

देर तक रोने के बाद आंसू ग्रंथियां सक्रिय होकर आसपास के ऊतकों में तरल भर देती हैं, जिससे आंखें फूल जाती हैं। इसी तरह धूल, परागकण या साइनस की एलर्जी (Allergic Rhinitis) में आंखों में खुजली, लाली, पानी और सूजन एक साथ होती है।

4. बढ़ती उम्र (Ageing)

उम्र बढ़ने के साथ आंखों के नीचे की त्वचा ढीली पड़ जाती है और वसा (Fat) नीचे की ओर खिसक कर स्थायी थैली जैसी दिखने लगती है। यह एक प्राकृतिक बदलाव है और आमतौर पर हानिरहित होता है।

5. साइनस और संक्रमण (Sinus & Infection)

साइनस की सूजन (Sinusitis) में आंखों के आसपास भारीपन आ सकता है। यदि किसी एक आंख के नीचे अचानक लाल, गर्म और दर्दभरी सूजन हो, तो यह संक्रमण (जैसे Orbital Cellulitis) का संकेत हो सकता है, जिसमें तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

6. किडनी और थायरॉयड की बीमारी

जब सूजन बार-बार या लगातार बनी रहे, तो इसके पीछे किडनी की समस्या या थायरॉयड विकार जैसी अंदरूनी बीमारी हो सकती है। इन दोनों को नीचे विस्तार से समझाया गया है।

सुबह आंखों के नीचे सूजन क्यों होती है?

बहुत से लोग पूछते हैं कि सुबह आंखों के नीचे सूजन क्यों होती है, जबकि दिन में यह कम हो जाती है। इसका कारण सरल है — रात भर लेटे रहने के दौरान शरीर का तरल पदार्थ आंखों के आसपास के ढीले ऊतकों में इकट्ठा हो जाता है। दिन में सीधे रहने और चलने-फिरने पर गुरुत्वाकर्षण की मदद से यह तरल वापस चला जाता है और सूजन घट जाती है। नींद की कमी, रात में ज्यादा नमकीन खाना, शराब, रोकर सोना या तकिया बहुत नीचा रखना — ये सब सुबह की सूजन बढ़ा देते हैं। इसलिए अगर सूजन केवल सुबह हो और कुछ घंटों में अपने आप ठीक हो जाए, तो यह आमतौर पर सामान्य और अस्थायी होती है।

किडनी की समस्या और आंखों के नीचे सूजन

किडनी की समस्या और आंखों के नीचे सूजन का गहरा संबंध है। हमारी किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती (जैसे नेफ्रोटिक सिंड्रोम या क्रोनिक किडनी रोग), तो शरीर में पानी और प्रोटीन का संतुलन बिगड़ जाता है और तरल पदार्थ ऊतकों में जमा होने लगता है। चूंकि आंखों के आसपास की त्वचा सबसे पतली होती है, इसलिए किडनी की गड़बड़ी में सूजन अक्सर सबसे पहले सुबह आंखों के नीचे ही दिखती है (जिसे मेडिकल भाषा में Periorbital Edema कहते हैं)।

किडनी से जुड़ी सूजन के कुछ खास संकेत इस प्रकार हैं:

  • आंखों के नीचे सूजन के साथ चेहरा और पैर/टखने भी फूले हुए महसूस होना।
  • पेशाब में झाग आना (Frothy Urine) — यह पेशाब में प्रोटीन जाने का संकेत हो सकता है।
  • पेशाब की मात्रा में बदलाव, कमजोरी, भूख कम लगना और थकान।

अगर आंखों के नीचे की सूजन इन लक्षणों के साथ हो, तो देर न करें — डॉक्टर से यूरिन टेस्ट (Urine Routine), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं।

थायरॉयड और आंखों की सूजन

थायरॉयड और आंखों की सूजन का संबंध भी अक्सर देखा जाता है। जब थायरॉयड ग्रंथि कम सक्रिय (Hypothyroidism) होती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और त्वचा के नीचे एक खास तरह का द्रव (Myxedema) जमा होने लगता है, जिससे चेहरा और आंखों के आसपास सूजा-सूजा दिखता है। इसके साथ वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना, थकान, कब्ज, सूखी त्वचा और बाल झड़ना जैसे लक्षण मिलते हैं।

दूसरी ओर, थायरॉयड के ज्यादा सक्रिय होने (Hyperthyroidism, विशेषकर Graves' Disease) में आंखें बाहर की ओर उभरी हुई और पलकों में सूजन दिख सकती है (Thyroid Eye Disease)। दोनों ही स्थितियों की पुष्टि एक साधारण ब्लड टेस्ट — थायरॉयड प्रोफाइल (TSH, T3, T4) से हो जाती है।

आपके लक्षण किस ओर इशारा करते हैं? (पैटर्न तालिका)

नीचे दी गई तालिका से आप अपनी सूजन के पैटर्न के आधार पर संभावित कारण को शुरुआती तौर पर पहचान सकते हैं। ध्यान रहे, यह केवल समझ के लिए है — सटीक कारण जांच के बाद ही पता चलता है।

सूजन का पैटर्न / लक्षणसंभावित कारण
सिर्फ सुबह हल्की सूजन, दिन में अपने आप कमनींद की कमी, ज्यादा नमक या तरल का जमाव
दोनों आंखों व चेहरे-पैरों में सूजन, पेशाब में झागकिडनी की समस्या (Periorbital Edema)
सूजन के साथ वजन बढ़ना, थकान, ठंड लगना, सूखी त्वचाथायरॉयड (हाइपोथायरायडिज्म)
आंखों में खुजली, लाली, पानी आना और छींकेंएलर्जी या साइनस
एक ही आंख के नीचे अचानक लाल, गर्म व दर्दभरी सूजनसंक्रमण — तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
उम्र के साथ स्थायी हल्की थैली, कोई और लक्षण नहींबढ़ती उम्र (सामान्य बदलाव)

आंखों के नीचे सूजन कैसे कम करें?

आंखों के नीचे सूजन कैसे कम करें — यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूजन का कारण क्या है। जीवनशैली से जुड़ी सामान्य सूजन में ये आसान कदम काफी मदद करते हैं:

  • नमक कम करें: भोजन में नमक घटाएं और ऊपर से कच्चा नमक, अचार, पापड़ व पैक्ड नमकीन से बचें, ताकि शरीर अतिरिक्त पानी न रोके।
  • पूरी नींद लें: रोज 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें और सोते समय सिर के नीचे तकिया थोड़ा ऊंचा रखें, ताकि तरल आंखों के पास जमा न हो।
  • पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से शरीर संतुलित रहता है; कम पानी पीने पर शरीर उल्टा पानी रोकने लगता है।
  • ठंडी सिकाई करें: साफ ठंडे पानी या ठंडे चम्मच से कुछ मिनट सिकाई करने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और सूजन घटती है।
  • शराब और धूम्रपान से बचें: ये त्वचा को निर्जलित (Dehydrate) करते हैं और सूजन बढ़ाते हैं।
  • एलर्जी को नियंत्रित करें: अगर सूजन एलर्जी से हो, तो धूल-धुएं से बचें और डॉक्टर की सलाह पर ही एंटी-एलर्जिक दवा लें।

अगर इन उपायों के बावजूद सूजन बनी रहे या बढ़ती जाए, तो यह किसी अंदरूनी कारण का संकेत है — तब घरेलू उपायों पर निर्भर न रहकर डॉक्टर से जांच करवाएं।

आंखों के नीचे सूजन का घरेलू उपाय

आंखों के नीचे सूजन का घरेलू उपाय हल्की और अस्थायी सूजन में राहत देने के लिए सुरक्षित और असरदार हैं। ये किसी बीमारी का इलाज नहीं हैं, लेकिन आराम जरूर देते हैं:

1. ठंडी सिकाई (Cold Compress)

एक साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर या ठंडा चम्मच फ्रिज में रखकर कुछ मिनट आंखों के नीचे धीरे-धीरे लगाएं। ठंडक से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और फूलापन कम होता है।

2. खीरे के टुकड़े (Cucumber Slices)

ठंडे खीरे के दो पतले टुकड़े 10–15 मिनट बंद आंखों पर रखें। खीरे में मौजूद पानी और ठंडक आंखों को आराम देते हैं और हल्की सूजन घटाते हैं।

3. ठंडे टी बैग (Cold Tea Bags)

इस्तेमाल किए हुए ठंडे ग्रीन या ब्लैक टी बैग आंखों पर रखने से इनमें मौजूद तत्व रक्त संचार सुधारकर सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं।

4. नमक कम, पानी और नींद पूरी

घरेलू उपायों में सबसे असरदार है — भोजन में नमक घटाना, पर्याप्त पानी पीना और अच्छी नींद लेना। ये तीनों मिलकर तरल के जमाव को रोकते हैं और सूजन को जड़ से कम करते हैं। ध्यान दें — आंखों के आसपास कभी भी बिना जांच के तेज दवा या अनजान लेप न लगाएं, क्योंकि यह नाजुक त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

आंखों के नीचे की सूजन के साथ यदि इनमें से कोई लक्षण हो, तो देर न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें — चेहरे और पैरों/टखनों में भी सूजन होना, पेशाब में झाग आना या पेशाब कम होना (किडनी की जांच जरूरी), सांस फूलना या लेटने पर सांस भारी होना (हृदय व किडनी की जांच जरूरी), किसी एक आंख के नीचे अचानक लाल-गर्म-दर्दभरी सूजन या बुखार (संक्रमण), धुंधला दिखना या आंख हिलाने में दर्द, और सूजन का कई दिनों तक लगातार बने रहना या तेजी से बढ़ना। ये संकेत बताते हैं कि सूजन केवल थकान नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी बीमारी का लक्षण हो सकती है।

निष्कर्ष

आंखों के नीचे की ज्यादातर सूजन नींद, नमक, रोने या तरल के जमाव जैसी सामान्य वजहों से होती है और ठंडी सिकाई, नमक कम करने, पर्याप्त पानी व अच्छी नींद जैसे साधारण उपायों से ठीक हो जाती है। लेकिन जब यही सूजन बार-बार लौटे, या चेहरे-पैरों की सूजन, पेशाब में झाग, वजन बढ़ने या सांस फूलने के साथ जुड़ जाए, तो यह किडनी, थायरॉयड या हृदय से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकती है — जिसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं।

संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का इंटरनल मेडिसिन विभाग आंखों के नीचे की सूजन के सही कारण का पता लगाने के लिए जरूरी जांचों (यूरिन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, थायरॉयड प्रोफाइल) और उपचार की पूरी सुविधा प्रदान करता है। यदि आपकी सूजन लगातार बनी रहती है या ऊपर बताए गए चेतावनी लक्षणों के साथ है, तो आज ही हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें और सही समय पर सही जांच करवाकर निश्चिंत रहें।

Frequently Asked Questions

आंखों के नीचे सूजन के सबसे आम कारण हैं — कम या खराब नींद, भोजन में ज्यादा नमक, रात में आंखों के आसपास तरल पदार्थ का जमाव, देर तक रोना, एलर्जी या साइनस और बढ़ती उम्र। ज्यादातर मामलों में यह सूजन हानिरहित और अस्थायी होती है। लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे या चेहरे-पैरों की सूजन के साथ हो, तो यह किडनी या थायरॉयड की बीमारी का संकेत हो सकती है।

रात भर लेटे रहने के दौरान शरीर का तरल पदार्थ आंखों के आसपास के ढीले ऊतकों में जमा हो जाता है, इसलिए सुबह सूजन ज्यादा दिखती है। दिन में सीधे रहने और चलने-फिरने से यह तरल वापस चला जाता है और सूजन घट जाती है। नींद की कमी, रात में ज्यादा नमक या शराब और नीचा तकिया इस सुबह की सूजन को और बढ़ा देते हैं।

हल्की सूजन कम करने के लिए ठंडी सिकाई करें, भोजन में नमक घटाएं, रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें, पर्याप्त पानी पिएं और सोते समय तकिया थोड़ा ऊंचा रखें। शराब-धूम्रपान से बचें और एलर्जी हो तो धूल-धुएं से दूर रहें। अगर इन उपायों के बाद भी सूजन बनी रहे या बढ़े, तो कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच करवाएं।

हां, कभी-कभी आंखों के नीचे की सूजन किडनी की समस्या का शुरुआती संकेत हो सकती है, जिसे Periorbital Edema कहते हैं। जब किडनी ठीक से पानी और प्रोटीन का संतुलन नहीं रख पाती, तो सूजन सबसे पहले सुबह आंखों के नीचे दिखती है। अगर इसके साथ चेहरे-पैरों में सूजन, पेशाब में झाग या पेशाब कम होना हो, तो तुरंत यूरिन टेस्ट और किडनी फंक्शन टेस्ट करवाएं।

आंखों के नीचे सूजन के असरदार घरेलू उपायों में ठंडी सिकाई, ठंडे खीरे के टुकड़े रखना, ठंडे टी बैग लगाना, नमक कम करना, पर्याप्त पानी पीना और अच्छी नींद लेना शामिल है। ये उपाय हल्की और अस्थायी सूजन में आराम देते हैं। ध्यान रहे कि ये किसी बीमारी का इलाज नहीं हैं — सूजन बार-बार होने पर डॉक्टर से जांच जरूरी है।

हां, थायरॉयड विकार से आंखों और चेहरे में सूजन हो सकती है। थायरॉयड कम सक्रिय होने (हाइपोथायरायडिज्म) पर त्वचा के नीचे द्रव जमा होने से चेहरा और आंखों के आसपास सूजा दिखता है, साथ में वजन बढ़ना, थकान और ठंड लगना जैसे लक्षण मिलते हैं। थायरॉयड के ज्यादा सक्रिय होने पर आंखें उभरी और पलकें सूजी दिख सकती हैं। एक साधारण थायरॉयड प्रोफाइल ब्लड टेस्ट से इसकी पुष्टि हो जाती है।
Dr. Shailesh Gupta

MBBS, MD - Consultant Physician, Sankalp Hospital

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