Pulmonology

Home Health Blog | May 07, 2026 | 11 min read

फेफड़ों में दर्द क्यों होता है? मुख्य कारण, लक्षण और इलाज (Lungs Pain)

फेफड़ों में दर्द क्यों होता है? मुख्य कारण, लक्षण और इलाज (Lungs Pain)

सीने में या पीठ के ऊपरी हिस्से में होने वाला दर्द अक्सर डरावना होता है क्योंकि लोग तुरंत इसे हार्ट अटैक से जोड़कर देखने लगते हैं। हालांकि, कई बार यह 'फेफड़ों में दर्द' (Lung Pain) हो सकता है। यह जानना बहुत दिलचस्प है कि फेफड़ों (Lungs) के अंदर दर्द महसूस करने वाले कोई रिसेप्टर्स (Pain Receptors) नहीं होते हैं। इसलिए जब आपको "फेफड़ों में दर्द" महसूस होता है, तो वास्तव में वह दर्द फेफड़ों की बाहरी परत (Pleura), श्वास नली, छाती की मांसपेशियों या पसलियों से आ रहा होता है। सही कारण का पता लगाना और समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी है।

"फेफड़ों में दर्द या छाती की जकड़न को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। दर्द के स्वरूप और उसके साथ आ रहे लक्षणों को समझना, सही डायग्नोसिस की ओर पहला कदम है।"

फेफड़ों में दर्द के मुख्य कारण (Causes of Lung Pain)

फेफड़ों या उसके आस-पास महसूस होने वाले दर्द के कई मेडिकल कारण हो सकते हैं। कुछ कारण बहुत सामान्य होते हैं (जैसे मांसपेशियों का खिंचाव), जबकि कुछ मेडिकल इमरजेंसी की श्रेणी में आते हैं।

1. प्लूरिसी Pleurisy

हमारे फेफड़ों और छाती की गुहा (Chest cavity) के बीच एक दो-परत वाली पतली झिल्ली होती है जिसे 'प्लूरा' (Pleura) कहते हैं। जब वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण इस झिल्ली में सूजन आ जाती है, तो इसे प्लूरिसी कहते हैं। जब आप सांस अंदर लेते हैं या खांसते हैं, तो सूजी हुई परतें आपस में रगड़ खाती हैं, जिससे सीने में चुभने वाला बहुत तेज दर्द होता है।

2. निमोनिया (Pneumonia)

निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर संक्रमण है, जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होता है। इसमें फेफड़ों की वायु-थैलियों (Alveoli) में मवाद या तरल पदार्थ भर जाता है। निमोनिया के कारण सीने में गहरा दर्द, तेज बुखार, ठंड लगना, और पीला या हरा बलगम वाली खांसी आती है।

3. पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism)

यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें पैरों की नसों में बना खून का थक्का (Blood clot) टूटकर फेफड़ों की किसी धमनी में फंस जाता है, जिससे रक्त का प्रवाह रुक जाता है। इसमें अचानक सीने में तेज दर्द (जो सांस लेने पर बढ़ता है), सांस फूलना, और कभी-कभी खांसी में खून आने की समस्या होती है।

4. अस्थमा (Asthma) और COPD

अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) में श्वास नलियों में पुरानी सूजन आ जाती है और वे सिकुड़ जाती हैं। हवा के गुजरने में रुकावट के कारण छाती में भारीपन, जकड़न और दर्द महसूस होता है। अक्सर यह घरघराहट (Wheezing) के साथ होता है।

5. न्यूमोथोरैक्स (Pneumothorax - फेफड़े का सिकुड़ना)

यह तब होता है जब फेफड़े और छाती की दीवार के बीच हवा भर जाती है, जिससे फेफड़ा पिचक (Collapse) जाता है। इसके कारण सीने में एक तरफ अचानक तेज दर्द होता है और मरीज को लगता है कि उसे हवा नहीं मिल पा रही है।

6. कोस्टोकॉन्ड्राइटिस (Costochondritis)

पसलियों को ब्रेस्टबोन (Sternum) से जोड़ने वाले कार्टिलेज (उपास्थि) में सूजन आने को कोस्टोकॉन्ड्राइटिस कहते हैं। यह दर्द बिल्कुल हार्ट अटैक जैसा महसूस होता है और गहरी सांस लेने या उस जगह को दबाने पर बहुत तेज हो जाता है।

दोनों फेफड़ों के बीच में दर्द क्यों होता है? (छाती के बीचोंबीच दर्द)

कई लोग शिकायत करते हैं कि दर्द किसी एक तरफ नहीं, बल्कि दोनों फेफड़ों के बीच यानी छाती के ठीक बीचोंबीच महसूस होता है। असल में इस जगह फेफड़े नहीं, बल्कि भोजन नली (Esophagus), श्वास नली और हृदय होते हैं, इसलिए बीच के दर्द के आम कारण ये हैं:

  • एसिड रिफ्लक्स / गैस (GERD): सबसे आम कारण — छाती के बीच में जलन और दर्द जो खाने के बाद या लेटने पर बढ़ता है।
  • कोस्टोकॉन्ड्राइटिस: ब्रेस्टबोन की उपास्थि में सूजन, जो दबाने या गहरी सांस लेने पर बढ़ती है।
  • चिंता और मांसपेशियों का तनाव: स्ट्रेस से छाती के बीच जकड़न और दर्द।
  • हृदय संबंधी कारण: यदि बीच का दर्द दबाव जैसा हो और बाएं हाथ या जबड़े तक फैले, साथ में पसीना व घबराहट हो — तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं।

गैस या मांसपेशियों का दर्द आमतौर पर खतरनाक नहीं होता, लेकिन छाती के बीच में तेज या बार-बार होने वाले दर्द को बिना जांच नजरअंदाज न करें।

हार्ट और फेफड़ों के दर्द में कैसे अंतर करें?

लक्षण (Symptoms)फेफड़ों का दर्द (Lung-related)हृदय का दर्द (Heart-related)
दर्द की प्रकृतिचुभने वाला या तीखा दर्द जो खांसने या सांस लेने पर बढ़ता है।छाती पर भारी वजन रखा हो ऐसा दबाव, जकड़न या निचोड़ने जैसा दर्द।
दर्द का फैलावआमतौर पर सीने के एक हिस्से में या पीठ के ऊपरी हिस्से में सीमित रहता है।बाएं हाथ, कंधे, जबड़े या पीठ की तरफ फैलता है (Radiating pain)।
अन्य लक्षणखांसी, बलगम, बुखार, सांस लेने पर घरघराहट।अत्यधिक पसीना आना, घबराहट, मतली (Nausea), चक्कर आना।

जांच और निदान (Diagnosis)

चूंकि सीने का दर्द जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए डॉक्टर सटीक कारण जानने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टेस्ट करवाते हैं:

  • चेस्ट एक्स-रे (Chest X-Ray): निमोनिया, न्यूमोथोरैक्स या फेफड़ों में पानी (Pleural effusion) का पता लगाने के लिए।
  • सीटी स्कैन (CT Scan): फेफड़ों की 3D इमेज के जरिए पल्मोनरी एम्बोलिज्म या ट्यूमर की जांच के लिए।
  • ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम): यह सुनिश्चित करने के लिए कि दर्द दिल की किसी बीमारी (हार्ट अटैक) के कारण तो नहीं है।
  • पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT): अस्थमा या COPD का पता लगाने के लिए कि फेफड़े कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं।
  • पल्स ऑक्सीमेट्री: रक्त में ऑक्सीजन के स्तर की जांच।

बचाव और फेफड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय

फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करना आवश्यक है:

  • धूम्रपान छोड़ें (Quit Smoking): सिगरेट का धुआं फेफड़ों के कैंसर, COPD और अस्थमा का सबसे बड़ा कारण है। धूम्रपान तुरंत छोड़ें और सेकंड-हैंड स्मोक से भी बचें।
  • डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज: नियमित रूप से प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम), योगा और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। यह फेफड़ों की वायु क्षमता (Lung capacity) को बढ़ाता है।
  • टीकाकरण (Vaccination): निमोनिया (Pneumococcal) और फ्लू (Flu) की वार्षिक वैक्सीन जरूर लगवाएं, विशेषकर यदि आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है या आपको अस्थमा है।
  • प्रदूषण से बचें: अत्यधिक धूल, धुएं या केमिकल वाले माहौल में काम करते समय हमेशा N95 मास्क पहनें।
  • हाइड्रेशन: दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं। पानी फेफड़ों और श्वास नली के बलगम (Mucus) को पतला रखता है, जिससे इसे बाहर निकालना आसान होता है।

रेड फ्लैग (Red Flag) - तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?

अगर आपको सीने में अचानक बहुत तेज दर्द हो जो आराम करने से ठीक न हो, अचानक सांस फूलने लगे, खांसते समय बलगम में खून आए (Hemoptysis), दिल की धड़कन अत्यधिक तेज हो जाए, या होंठ और नाखून नीले पड़ने लगें, तो 108 पर कॉल करें या तुरंत इमरजेंसी वार्ड पहुंचें। यह पल्मोनरी एम्बोलिज्म या हार्ट अटैक हो सकता है।

निष्कर्ष

फेफड़ों या सीने में दर्द एक ऐसा लक्षण है जिसका खुद घर पर अनुमान लगाना खतरनाक हो सकता है। छोटी सी लगने वाली समस्या जैसे पसलियों का दर्द हो या फिर निमोनिया और ब्लड क्लॉट जैसी गंभीर बीमारी, सही डायग्नोसिस ही इलाज की कुंजी है।

संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का पल्मोनोलॉजी (श्वसन रोग) और क्रिटिकल केयर विभाग 24/7 किसी भी प्रकार की श्वास संबंधी इमरजेंसी से निपटने के लिए तैयार है। यदि आपको सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द की शिकायत है, तो हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों से तुरंत परामर्श लें।

Frequently Asked Questions

हाँ, बिल्कुल। एसिड रिफ्लक्स (GERD) या अत्यधिक गैस बनने के कारण सीने में तेज जलन और दर्द हो सकता है जिसे लोग अक्सर फेफड़ों या दिल का दर्द समझ लेते हैं। यह दर्द आमतौर पर भारी खाना खाने के बाद या लेटने पर बढ़ता है।

सांस अंदर खींचने पर तेज चुभने वाला दर्द (Pleuritic chest pain) आमतौर पर 'प्लूरिसी' (फेफड़ों की झिल्ली में सूजन), कोस्टोकॉन्ड्राइटिस (पसलियों की सूजन) या न्यूमोथोरैक्स के कारण होता है। यह बताता है कि छाती के अंदर की बाहरी सतह में कोई इरिटेशन है।

कोविड-19 के कारण फेफड़ों में फाइब्रोसिस (Scarring) या सूजन हो सकती है, जिसके कारण 'लॉन्ग कोविड' (Long COVID) सिंड्रोम में कुछ मरीजों को महीनों तक सीने में हल्का दर्द, जकड़न या सांस फूलने की समस्या बनी रहती है। इसके लिए पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन की आवश्यकता होती है।

निमोनिया की शुरुआत अक्सर तेज बुखार, ठंड लगने (चिल्स), सीने में भारीपन, और बलगम वाली खांसी (जो पीला, हरा या जंग के रंग का हो सकता है) से होती है। मरीज को अत्यधिक थकान और तेजी से सांस लेने की समस्या होती है।

फेफड़े खुद को साफ करने में सक्षम होते हैं। उन्हें स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें, स्टीम इनहेलेशन (गर्म पानी की भाप) लें जो बलगम को ढीला करती है, नियमित रूप से एरोबिक एक्सरसाइज करें, और एंटी-ऑक्सीडेंट्स (जैसे अदरक, हल्दी, ग्रीन टी) से भरपूर आहार लें।

खांसी में खून आना एक गंभीर लक्षण है। यह गंभीर टीबी (Tuberculosis), फेफड़ों के कैंसर, सीवियर निमोनिया, या पल्मोनरी एम्बोलिज्म का संकेत हो सकता है। इस लक्षण को कभी भी नजरअंदाज न करें और तुरंत चेस्ट एक्स-रे या सीटी स्कैन करवाएं।

फेफड़ों में महसूस होने वाले दर्द का सबसे आम कारण फेफड़ों की बाहरी झिल्ली में सूजन (प्लूरिसी), निमोनिया, या छाती की मांसपेशियों व पसलियों का खिंचाव और कोस्टोकॉन्ड्राइटिस है। ध्यान रहे कि फेफड़ों के अंदर दर्द की नसें नहीं होतीं, इसलिए दर्द असल में प्लूरा, श्वास नली या छाती की दीवार से आता है। तेज या लगातार दर्द होने पर चेस्ट एक्स-रे जरूर करवाएं।

छाती के ठीक बीच में दर्द अक्सर एसिड रिफ्लक्स/गैस (GERD) या कोस्टोकॉन्ड्राइटिस जैसे सामान्य कारणों से होता है और आमतौर पर खतरनाक नहीं होता। लेकिन यदि बीच का दर्द दबाव या भारीपन जैसा हो, बाएं हाथ, कंधे या जबड़े तक फैले, और साथ में पसीना, घबराहट या सांस फूलना हो, तो यह हृदय की समस्या का संकेत हो सकता है — बिना देरी इमरजेंसी में जाएं।
Dr. Ankita Bansal Goyal

MD(PGIMER CHD) - Consultant Specialist, Sankalp Hospital

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