General Medicine
जीभ, गाल के अंदर या होंठ के भीतर छोटे-छोटे सफेद या पीले घाव, जिनके किनारे लाल हों और जिनमें खाते-पीते या बात करते समय तेज जलन हो — इन्हें ही आम भाषा में मुंह के छाले (Mouth Ulcers) कहते हैं। चिकित्सा भाषा में इन्हें एफ्थस अल्सर (Aphthous Ulcers) या माउथ अल्सर कहा जाता है। ज्यादातर छाले हानिरहित होते हैं और 1 से 2 हफ्ते में अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर आपको बार-बार छाले होते हैं, या कोई छाला 2–3 हफ्ते में भी नहीं भर रहा, तो इसके पीछे विटामिन की कमी, पेट की गड़बड़ी या शायद ही कभी कोई गंभीर कारण छिपा हो सकता है। आइए विस्तार से समझें कि मुंह और जीभ में छाले क्यों होते हैं और तुरंत राहत कैसे पाएं।
संक्षेप में — जरूरी बातें:
मुंह और जीभ पर छाले किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई कारणों से हो सकते हैं। सही इलाज के लिए असली कारण पहचानना जरूरी है। मुंह में छाले होने के प्रमुख कारण नीचे दिए गए हैं:
यह सबसे आम कारण है। खाना खाते समय गलती से गाल या जीभ का कट जाना, नुकीले या टूटे दांत का लगातार रगड़ना, सख्त ब्रश से जोर से ब्रश करना, या दांतों के इलाज (Dental Work) के बाद — इन सबसे उसी जगह छाला बन जाता है। ऐसे छाले आमतौर पर एक ही जगह होते हैं और चोट ठीक होते ही भर जाते हैं।
बहुत ज्यादा मिर्च-मसाला, खट्टी चीजें (नींबू, टमाटर, इमली), और गर्म तासीर वाले भोजन मुंह की नाजुक परत (Mucous Membrane) को उत्तेजित कर देते हैं, जिससे जलन और छाले होते हैं। कुछ लोगों में चॉकलेट, कॉफी या टूथपेस्ट में मौजूद कुछ तत्व भी छाले की वजह बनते हैं।
मानसिक तनाव, चिंता और पर्याप्त नींद न लेना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कमजोर कर देते हैं। यही वजह है कि परीक्षा, ज्यादा काम या तनाव भरे दिनों में कई लोगों को बार-बार छाले निकल आते हैं।
विटामिन B12, आयरन (Iron), फोलेट (Folic Acid) और जिंक (Zinc) की कमी मुंह में बार-बार छाले होने का एक बहुत आम कारण है। ये पोषक तत्व मुंह की परत को स्वस्थ बनाए रखते हैं, और इनकी कमी होने पर परत कमजोर होकर जल्दी छाले बनने लगती है।
पेट की गर्मी, कब्ज और एसिडिटी (Acidity) का सीधा असर मुंह पर पड़ता है। पाचन ठीक न होने पर मुंह में जलन के साथ बार-बार छाले होना आम शिकायत है। खराब खान-पान और कम पानी पीना इसे और बढ़ाता है।
कुछ महिलाओं को मासिक धर्म (Periods) के आसपास हार्मोन में बदलाव के कारण छाले होते हैं। यही बदलाव गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान भी छाले पैदा कर सकते हैं।
कुछ वायरल या फंगल संक्रमण, तथा कुछ बीमारियां जैसे सीलिएक रोग (Celiac Disease) या आंतों की सूजन (IBD) भी मुंह में छाले पैदा कर सकती हैं। तंबाकू, गुटखा और सुपारी का सेवन भी मुंह की परत को नुकसान पहुंचाता है।
अगर आपको बार-बार बिना किसी चोट के छाले होते हैं, तो सबसे पहले पोषक तत्वों की कमी की जांच जरूरी है। मुंह के छाले मुख्य रूप से इन विटामिन और मिनरल की कमी से जुड़े होते हैं:
एक साधारण ब्लड टेस्ट से इन कमियों का पता चल जाता है, और डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट व सही आहार से इन्हें पूरा किया जा सकता है।
| छाले का कारण | पहचान / विशेषता |
|---|---|
| चोट या दांत से कटना | अचानक एक ही जगह छाला, 7–10 दिन में ठीक |
| तीखा / खट्टा भोजन | जीभ-गाल पर जलन के साथ छोटे छाले |
| विटामिन B12 / आयरन / फोलेट की कमी | बार-बार, कई छाले, साथ में थकान व पीलापन |
| तनाव व नींद की कमी | परीक्षा या तनाव के दौरान छाले उभरना |
| एसिडिटी / पेट की गड़बड़ी | मुंह में जलन व छाले, साथ में कब्ज |
| हार्मोनल बदलाव (माहवारी) | महिलाओं में मासिक चक्र के आसपास छाले |
| 2–3 हफ्ते में न भरने वाला छाला / तंबाकू सेवन | सतर्कता जरूरी — डॉक्टर से जांच कराएं |
अगर महीने में एक-दो बार या हर कुछ हफ्तों में छाले निकल आते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। बार-बार मुंह में छाले होना (Recurrent Aphthous Stomatitis) अक्सर किसी अंदरूनी कारण की ओर इशारा करता है, जैसे:
बार-बार होने वाले छालों में सिर्फ ऊपरी इलाज (मलहम) करने के बजाय असली कारण की जांच जरूरी है, ताकि समस्या जड़ से ठीक हो सके।
ज्यादातर छाले बिना दवा के अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ आसान घरेलू उपाय दर्द और जलन में तुरंत राहत देते हैं और घाव जल्दी भरने में मदद करते हैं:
एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक घोलकर दिन में 2–3 बार कुल्ला करें। नमक का पानी छाले को साफ रखता है, सूजन कम करता है और घाव जल्दी भरता है। शुरुआत में हल्की चुभन हो सकती है।
एक कप गुनगुने पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर कुल्ला करने से मुंह का अम्ल (Acid) संतुलित होता है और जलन में राहत मिलती है।
छाले पर थोड़ा-सा शुद्ध शहद दिन में कुछ बार लगाएं। शहद में प्राकृतिक जीवाणुरोधी (Antibacterial) गुण होते हैं जो घाव को गीला रखकर जल्दी भरने में मदद करते हैं।
नारियल तेल छाले पर लगाने से ठंडक मिलती है और इसके सूजनरोधी गुण दर्द कम करते हैं। दिन में 2–3 बार हल्का-सा लगाएं।
जब तक छाला ठीक न हो, मिर्च-मसाला, खट्टी और बहुत गर्म चीजों से बचें, क्योंकि ये जलन बढ़ाती हैं। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और नरम, ठंडा भोजन (जैसे दही, खिचड़ी) लें ताकि मुंह की परत को आराम मिले।
अगर घरेलू उपायों से आराम न मिले या दर्द ज्यादा हो, तो जीभ पर छाले का इलाज इस तरह किया जाता है — इन सभी दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर या दंत विशेषज्ञ (Dentist) की सलाह से ही करें:
मुंह के छाले जल्दी ठीक करने के लिए इलाज के साथ-साथ नरम ब्रश इस्तेमाल करें, तंबाकू-गुटखा से बचें, तनाव कम करें और भरपूर नींद लें। ध्यान दें — बिना जांच के लंबे समय तक कोई भी दवा या स्टेरॉयड जेल खुद से न लगाएं।
ज्यादातर छाले खतरनाक नहीं होते, लेकिन कुछ लक्षण गंभीर हो सकते हैं। तुरंत डॉक्टर से मिलें अगर — कोई छाला या घाव 2–3 हफ्ते में भी न भरे; मुंह या जीभ पर दर्द रहित सफेद या लाल दाग (Patch) या गांठ बनकर बढ़ रही हो; बहुत बड़े या असामान्य रूप से कई छाले एक साथ हों; या आप तंबाकू, गुटखा, सुपारी या शराब का सेवन करते हों। ऐसे मामलों में मुंह के कैंसर (Oral Cancer) की आशंका को दूर करने के लिए डॉक्टर से जांच कराना बहुत जरूरी है — जल्दी पहचान होने पर इलाज आसान और असरदार होता है।
मुंह और जीभ के छाले आमतौर पर एक आम और अस्थायी समस्या है, जो चोट, तीखे भोजन, तनाव या विटामिन की कमी से होती है और सही देखभाल से 1–2 हफ्ते में ठीक हो जाती है। लेकिन अगर छाले बार-बार हो रहे हों, बहुत दर्द दे रहे हों या 2–3 हफ्ते में न भर रहे हों, तो इसे हल्के में न लें — असली कारण की जांच जरूरी है। संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का जनरल मेडिसिन विभाग बार-बार होने वाले छालों के सही कारण (विटामिन की कमी, पेट की समस्या या अन्य) की सटीक जांच और इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर आपको लगातार या न भरने वाले छाले की समस्या है, तो आज ही हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें।