General Medicine

Home Health Blog | July 20, 2026 | 9 min read

जीभ और मुंह में छाले क्यों होते हैं? कारण और तुरंत राहत के उपाय

जीभ और मुंह में छाले क्यों होते हैं? कारण और तुरंत राहत के उपाय

जीभ, गाल के अंदर या होंठ के भीतर छोटे-छोटे सफेद या पीले घाव, जिनके किनारे लाल हों और जिनमें खाते-पीते या बात करते समय तेज जलन हो — इन्हें ही आम भाषा में मुंह के छाले (Mouth Ulcers) कहते हैं। चिकित्सा भाषा में इन्हें एफ्थस अल्सर (Aphthous Ulcers) या माउथ अल्सर कहा जाता है। ज्यादातर छाले हानिरहित होते हैं और 1 से 2 हफ्ते में अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर आपको बार-बार छाले होते हैं, या कोई छाला 2–3 हफ्ते में भी नहीं भर रहा, तो इसके पीछे विटामिन की कमी, पेट की गड़बड़ी या शायद ही कभी कोई गंभीर कारण छिपा हो सकता है। आइए विस्तार से समझें कि मुंह और जीभ में छाले क्यों होते हैं और तुरंत राहत कैसे पाएं।

संक्षेप में — जरूरी बातें:

  • ज्यादातर मुंह के छाले चोट, तीखे भोजन, तनाव या विटामिन की कमी से होते हैं और 1–2 हफ्ते में अपने आप ठीक हो जाते हैं।
  • बार-बार छाले होना अक्सर विटामिन B12, आयरन या फोलेट (Folic Acid) की कमी का संकेत है।
  • नमक के पानी से कुल्ला, शहद और तीखा-खट्टा भोजन कम करना — ये आसान घरेलू उपाय राहत देते हैं।
  • अगर कोई छाला 2–3 हफ्ते में न भरे या दर्द रहित सफेद/लाल दाग बढ़ रहा हो, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

मुंह में छाले होने के कारण

मुंह और जीभ पर छाले किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई कारणों से हो सकते हैं। सही इलाज के लिए असली कारण पहचानना जरूरी है। मुंह में छाले होने के प्रमुख कारण नीचे दिए गए हैं:

1. चोट लगना या दांत से कट जाना (Injury / Biting)

यह सबसे आम कारण है। खाना खाते समय गलती से गाल या जीभ का कट जाना, नुकीले या टूटे दांत का लगातार रगड़ना, सख्त ब्रश से जोर से ब्रश करना, या दांतों के इलाज (Dental Work) के बाद — इन सबसे उसी जगह छाला बन जाता है। ऐसे छाले आमतौर पर एक ही जगह होते हैं और चोट ठीक होते ही भर जाते हैं।

2. तीखा और खट्टा भोजन (Spicy & Acidic Food)

बहुत ज्यादा मिर्च-मसाला, खट्टी चीजें (नींबू, टमाटर, इमली), और गर्म तासीर वाले भोजन मुंह की नाजुक परत (Mucous Membrane) को उत्तेजित कर देते हैं, जिससे जलन और छाले होते हैं। कुछ लोगों में चॉकलेट, कॉफी या टूथपेस्ट में मौजूद कुछ तत्व भी छाले की वजह बनते हैं।

3. तनाव और नींद की कमी (Stress)

मानसिक तनाव, चिंता और पर्याप्त नींद न लेना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कमजोर कर देते हैं। यही वजह है कि परीक्षा, ज्यादा काम या तनाव भरे दिनों में कई लोगों को बार-बार छाले निकल आते हैं।

4. विटामिन और पोषक तत्वों की कमी (Nutritional Deficiency)

विटामिन B12, आयरन (Iron), फोलेट (Folic Acid) और जिंक (Zinc) की कमी मुंह में बार-बार छाले होने का एक बहुत आम कारण है। ये पोषक तत्व मुंह की परत को स्वस्थ बनाए रखते हैं, और इनकी कमी होने पर परत कमजोर होकर जल्दी छाले बनने लगती है।

5. एसिडिटी और पेट की गड़बड़ी (Acidity)

पेट की गर्मी, कब्ज और एसिडिटी (Acidity) का सीधा असर मुंह पर पड़ता है। पाचन ठीक न होने पर मुंह में जलन के साथ बार-बार छाले होना आम शिकायत है। खराब खान-पान और कम पानी पीना इसे और बढ़ाता है।

6. हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes)

कुछ महिलाओं को मासिक धर्म (Periods) के आसपास हार्मोन में बदलाव के कारण छाले होते हैं। यही बदलाव गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान भी छाले पैदा कर सकते हैं।

7. संक्रमण और कुछ बीमारियां (Infections)

कुछ वायरल या फंगल संक्रमण, तथा कुछ बीमारियां जैसे सीलिएक रोग (Celiac Disease) या आंतों की सूजन (IBD) भी मुंह में छाले पैदा कर सकती हैं। तंबाकू, गुटखा और सुपारी का सेवन भी मुंह की परत को नुकसान पहुंचाता है।

छाले किस विटामिन की कमी से होते हैं?

अगर आपको बार-बार बिना किसी चोट के छाले होते हैं, तो सबसे पहले पोषक तत्वों की कमी की जांच जरूरी है। मुंह के छाले मुख्य रूप से इन विटामिन और मिनरल की कमी से जुड़े होते हैं:

  • विटामिन B12: इसकी कमी बार-बार छाले, जीभ में जलन, थकान और पीलापन (Anemia) का सबसे आम कारण है — खासकर शाकाहारी लोगों और बुजुर्गों में।
  • आयरन (Iron): खून की कमी (एनीमिया) होने पर जीभ चिकनी होकर छाले जल्दी बनने लगते हैं।
  • फोलेट / फोलिक एसिड (Folate): इसकी कमी से भी मुंह और जीभ की परत कमजोर होकर बार-बार छाले होते हैं।
  • जिंक (Zinc): जिंक की कमी घाव भरने की गति धीमी कर देती है, जिससे छाले देर से ठीक होते हैं।

एक साधारण ब्लड टेस्ट से इन कमियों का पता चल जाता है, और डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट व सही आहार से इन्हें पूरा किया जा सकता है।

छाले का कारणपहचान / विशेषता
चोट या दांत से कटनाअचानक एक ही जगह छाला, 7–10 दिन में ठीक
तीखा / खट्टा भोजनजीभ-गाल पर जलन के साथ छोटे छाले
विटामिन B12 / आयरन / फोलेट की कमीबार-बार, कई छाले, साथ में थकान व पीलापन
तनाव व नींद की कमीपरीक्षा या तनाव के दौरान छाले उभरना
एसिडिटी / पेट की गड़बड़ीमुंह में जलन व छाले, साथ में कब्ज
हार्मोनल बदलाव (माहवारी)महिलाओं में मासिक चक्र के आसपास छाले
2–3 हफ्ते में न भरने वाला छाला / तंबाकू सेवनसतर्कता जरूरी — डॉक्टर से जांच कराएं

बार-बार मुंह में छाले होना — किस बात का संकेत?

अगर महीने में एक-दो बार या हर कुछ हफ्तों में छाले निकल आते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। बार-बार मुंह में छाले होना (Recurrent Aphthous Stomatitis) अक्सर किसी अंदरूनी कारण की ओर इशारा करता है, जैसे:

  • विटामिन B12, आयरन या फोलेट की लगातार कमी।
  • लंबे समय से चल रही एसिडिटी या पेट की समस्या।
  • लगातार तनाव, अधूरी नींद या कमजोर इम्यूनिटी।
  • कभी-कभी सीलिएक रोग या आंतों की सूजन जैसी बीमारियां।

बार-बार होने वाले छालों में सिर्फ ऊपरी इलाज (मलहम) करने के बजाय असली कारण की जांच जरूरी है, ताकि समस्या जड़ से ठीक हो सके।

मुंह के छाले का घरेलू उपाय

ज्यादातर छाले बिना दवा के अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ आसान घरेलू उपाय दर्द और जलन में तुरंत राहत देते हैं और घाव जल्दी भरने में मदद करते हैं:

1. नमक के पानी से कुल्ला (Saltwater Rinse)

एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक घोलकर दिन में 2–3 बार कुल्ला करें। नमक का पानी छाले को साफ रखता है, सूजन कम करता है और घाव जल्दी भरता है। शुरुआत में हल्की चुभन हो सकती है।

2. बेकिंग सोडा का घोल (Baking Soda Rinse)

एक कप गुनगुने पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर कुल्ला करने से मुंह का अम्ल (Acid) संतुलित होता है और जलन में राहत मिलती है।

3. शहद लगाना (Honey)

छाले पर थोड़ा-सा शुद्ध शहद दिन में कुछ बार लगाएं। शहद में प्राकृतिक जीवाणुरोधी (Antibacterial) गुण होते हैं जो घाव को गीला रखकर जल्दी भरने में मदद करते हैं।

4. नारियल तेल (Coconut Oil)

नारियल तेल छाले पर लगाने से ठंडक मिलती है और इसके सूजनरोधी गुण दर्द कम करते हैं। दिन में 2–3 बार हल्का-सा लगाएं।

5. तीखा-खट्टा भोजन कम करें व पानी ज्यादा पिएं

जब तक छाला ठीक न हो, मिर्च-मसाला, खट्टी और बहुत गर्म चीजों से बचें, क्योंकि ये जलन बढ़ाती हैं। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और नरम, ठंडा भोजन (जैसे दही, खिचड़ी) लें ताकि मुंह की परत को आराम मिले।

मुंह के छाले जल्दी ठीक करने के उपाय और जीभ पर छाले का इलाज

अगर घरेलू उपायों से आराम न मिले या दर्द ज्यादा हो, तो जीभ पर छाले का इलाज इस तरह किया जाता है — इन सभी दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर या दंत विशेषज्ञ (Dentist) की सलाह से ही करें:

  • माउथ जेल / मलहम: छाले पर लगाने वाली सुन्न करने वाली (Anesthetic) या सुरक्षा परत बनाने वाली जेल दर्द में तुरंत राहत देती है।
  • एंटीसेप्टिक माउथवॉश: डॉक्टर द्वारा बताया गया माउथवॉश छाले को संक्रमण से बचाकर जल्दी भरने में मदद करता है।
  • विटामिन सप्लीमेंट: जांच में B12, आयरन या फोलेट की कमी पाए जाने पर डॉक्टर सप्लीमेंट देते हैं, जिससे बार-बार छाले होना कम हो जाता है।
  • कारण का इलाज: अगर एसिडिटी, कब्ज या कोई बीमारी छाले की जड़ है, तो उसका इलाज करने पर छाले भी ठीक होने लगते हैं।

मुंह के छाले जल्दी ठीक करने के लिए इलाज के साथ-साथ नरम ब्रश इस्तेमाल करें, तंबाकू-गुटखा से बचें, तनाव कम करें और भरपूर नींद लें। ध्यान दें — बिना जांच के लंबे समय तक कोई भी दवा या स्टेरॉयड जेल खुद से न लगाएं।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

ज्यादातर छाले खतरनाक नहीं होते, लेकिन कुछ लक्षण गंभीर हो सकते हैं। तुरंत डॉक्टर से मिलें अगर — कोई छाला या घाव 2–3 हफ्ते में भी न भरे; मुंह या जीभ पर दर्द रहित सफेद या लाल दाग (Patch) या गांठ बनकर बढ़ रही हो; बहुत बड़े या असामान्य रूप से कई छाले एक साथ हों; या आप तंबाकू, गुटखा, सुपारी या शराब का सेवन करते हों। ऐसे मामलों में मुंह के कैंसर (Oral Cancer) की आशंका को दूर करने के लिए डॉक्टर से जांच कराना बहुत जरूरी है — जल्दी पहचान होने पर इलाज आसान और असरदार होता है।

निष्कर्ष

मुंह और जीभ के छाले आमतौर पर एक आम और अस्थायी समस्या है, जो चोट, तीखे भोजन, तनाव या विटामिन की कमी से होती है और सही देखभाल से 1–2 हफ्ते में ठीक हो जाती है। लेकिन अगर छाले बार-बार हो रहे हों, बहुत दर्द दे रहे हों या 2–3 हफ्ते में न भर रहे हों, तो इसे हल्के में न लें — असली कारण की जांच जरूरी है। संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का जनरल मेडिसिन विभाग बार-बार होने वाले छालों के सही कारण (विटामिन की कमी, पेट की समस्या या अन्य) की सटीक जांच और इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर आपको लगातार या न भरने वाले छाले की समस्या है, तो आज ही हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें।

Frequently Asked Questions

बार-बार मुंह में छाले होने के सबसे आम कारण हैं — विटामिन B12, आयरन और फोलेट की कमी, लगातार एसिडिटी या पेट की गड़बड़ी, मानसिक तनाव और कमजोर इम्यूनिटी। दांत से कटना, तीखा-खट्टा भोजन और तंबाकू सेवन भी वजह बनते हैं। बार-बार छाले होने पर असली कारण जानने के लिए ब्लड टेस्ट कराना चाहिए।

मुंह के छाले जल्दी ठीक करने के लिए दिन में 2-3 बार गुनगुने नमक के पानी से कुल्ला करें, छाले पर थोड़ा शहद या नारियल तेल लगाएं और तीखा-खट्टा भोजन से बचें। भरपूर पानी पिएं, नरम भोजन लें और नरम ब्रश इस्तेमाल करें। ज्यादा दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह से माउथ जेल लगाई जा सकती है।

मुंह के छाले मुख्य रूप से विटामिन B12 की कमी से होते हैं। इसके अलावा आयरन, फोलेट (फोलिक एसिड) और जिंक की कमी से भी बार-बार छाले होते हैं। ये पोषक तत्व मुंह की परत को स्वस्थ रखते हैं, इसलिए इनकी कमी होने पर छाले जल्दी बनते हैं। एक साधारण ब्लड टेस्ट से इन कमियों का पता लगाया जा सकता है।

जीभ पर छाले का इलाज कारण पर निर्भर करता है। शुरुआत में नमक के पानी का कुल्ला और तीखा भोजन कम करना काफी होता है। ज्यादा दर्द में डॉक्टर की सलाह से माउथ जेल या एंटीसेप्टिक माउथवॉश दिया जाता है। अगर विटामिन की कमी या एसिडिटी कारण हो, तो उसका इलाज करने पर छाले ठीक हो जाते हैं।

मुंह के छाले का सबसे असरदार घरेलू उपाय है गुनगुने नमक के पानी या बेकिंग सोडा के घोल से कुल्ला करना। छाले पर शुद्ध शहद या नारियल तेल लगाने से जलन कम होती है और घाव जल्दी भरता है। साथ ही तीखा-खट्टा भोजन छोड़ें और खूब पानी पिएं। ये उपाय राहत देते हैं, पर छाला न भरे तो डॉक्टर से मिलें।

ज्यादातर छाले हानिरहित होते हैं और कैंसर नहीं होते। लेकिन अगर कोई छाला या घाव 2-3 हफ्ते में भी न भरे, या मुंह-जीभ पर दर्द रहित सफेद या लाल दाग बढ़ रहा हो, खासकर तंबाकू या गुटखा सेवन करने वालों में, तो यह मुंह के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
Dr. Shailesh Gupta

MBBS, MD - Consultant Physician, Sankalp Hospital

// Removed duplicate get_blog_metadata function to prevent redeclaration // Function to get all blogs sorted by date (newest first) function get_all_blogs($blog_dir = __DIR__) { $blogs = []; if (!is_dir($blog_dir)) return $blogs; $files = @scandir($blog_dir); if ($files === false) return $blogs; // Files to skip (non-blog PHP files) $skip = ['index.php', 'blog-post.php', 'blog-functions.php', 'sidebar.php']; foreach ($files as $file) { // Skip non-PHP files if (pathinfo($file, PATHINFO_EXTENSION) !== 'php') continue; // Skip template/utility files if (in_array($file, $skip)) continue; // Blog posts always have a hyphen in the name if (strpos($file, '-') === false) continue; $file_path = $blog_dir . '/' . $file; if (!is_file($file_path)) continue; $metadata = get_blog_metadata($file_path); // Only include files that have a title if (!empty($metadata['title'])) { // Remove .php extension from URL $url = preg_replace('/\.php$/', '', $file); $metadata['url'] = $url; $metadata['file'] = $file; $blogs[] = $metadata; } } // Sort by timestamp (newest first) usort($blogs, function($a, $b) { return ($b['timestamp'] ?? 0) - ($a['timestamp'] ?? 0); }); return $blogs; } // Function to get a single blog by URL slug function get_blog_by_slug($slug, $blog_dir = __DIR__) { $blogs = get_all_blogs($blog_dir); foreach ($blogs as $blog) { $blog_url = preg_replace('/\.php$/', '', $blog['file']); if ($blog_url === $slug) { return $blog; } } return null; }