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Home Health Blog | May 07, 2026 | 11 min read

पैर के तलवे में खुजली क्यों होती है? कारण, इलाज और घरेलू उपाय (Itchy Feet)

पैर के तलवे में खुजली क्यों होती है? कारण, इलाज और घरेलू उपाय (Itchy Feet)

पैरों में खुजली (Pruritus) एक ऐसी स्थिति है जो आपको किसी भी समय और कहीं भी असहज कर सकती है। अक्सर लोग रात को सोते समय पैरों के तलवों या उंगलियों के बीच तेज खुजली का अनुभव करते हैं, जिससे उनकी नींद भी खराब होती है। कभी-कभी यह खुजली केवल त्वचा के रूखेपन के कारण होती है, जबकि कई बार यह एथलीट्स फुट, न्यूरोपैथी या किडनी की किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। इसे नजरअंदाज करने और बार-बार खुजलाने से त्वचा में घाव और बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।

"लगातार पैरों में होने वाली खुजली सिर्फ एक त्वचा की समस्या नहीं है। यदि नमी और स्वच्छता के बावजूद खुजली बनी रहे, तो यह शरीर के अंदर पल रही किसी बीमारी, जैसे मधुमेह (Diabetes) का स्पष्ट संकेत हो सकता है।"

पैर में खुजली के प्रमुख कारण (Causes of Itchy Feet)

पैरों में खुजली के पीछे कई त्वचा संबंधी और अंदरूनी (सिस्टमिक) कारण हो सकते हैं:

1. फंगल इन्फेक्शन (Athlete's Foot / Tinea Pedis)

पैरों में खुजली का सबसे आम कारण फंगल इन्फेक्शन है, जिसे 'एथलीट्स फुट' कहा जाता है। यह फंगस नम और गर्म वातावरण (जैसे पसीने से भीगे मोजे और जूते) में तेजी से पनपता है। इसके कारण पैरों की उंगलियों के बीच की त्वचा लाल हो जाती है, छिलने लगती है और उसमें अत्यधिक तेज खुजली और जलन होती है।

2. सूखी त्वचा (Xerosis / Dry Skin)

सर्दियों के मौसम में या ज्यादा गर्म पानी से नहाने के कारण पैरों की प्राकृतिक नमी (Natural oils) खत्म हो जाती है। जब त्वचा बहुत ज्यादा रूखी हो जाती है, तो उसमें दरारें (Cracks) पड़ने लगती हैं और खिंचाव के कारण तेज खुजली उत्पन्न होती है। बुजुर्गों में त्वचा का पतला और रूखा होना खुजली का एक बड़ा कारण है।

3. संपर्क डर्मेटाइटिस (Contact Dermatitis / Allergy)

यह एक एलर्जिक रिएक्शन है। जब आपके पैर किसी ऐसे रसायन (Chemical) के संपर्क में आते हैं जिससे आपको एलर्जी है—जैसे नायलॉन के मोजे, जूतों में इस्तेमाल होने वाला गोंद (Glue), कपड़े धोने का डिटरजेंट, या कोई नई क्रीम—तो त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes) उभर आते हैं और भयंकर खुजली होती है।

4. मधुमेह (Diabetes) और न्यूरोपैथी

जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल लंबे समय तक हाई रहता है, उनकी नसों को नुकसान पहुंचता है जिसे 'पेरिफेरल न्यूरोपैथी' कहते हैं। इसमें पैरों में सुन्नपन और झनझनाहट के साथ-साथ एक अजीब सी खुजली (जो त्वचा के अंदर महसूस होती है) होती है। साथ ही, डायबिटीज में त्वचा रूखी हो जाती है और फंगल इन्फेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

5. किडनी और लिवर की बीमारियां

क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) या लिवर सिरोसिस होने पर शरीर से अपशिष्ट पदार्थ (Toxins) और पित्त (Bile salts) ठीक से बाहर नहीं निकल पाते। ये टॉक्सिन्स रक्त के माध्यम से त्वचा के नीचे जमा होने लगते हैं, जिससे पूरे शरीर में (विशेषकर पैरों और हाथों के तलवों में) गंभीर खुजली होती है, जिसे 'यूरेमिक प्रुरिटस' कहा जाता है।

6. सोरायसिस (Psoriasis) और एक्जिमा

ये दोनों ही क्रोनिक त्वचा रोग हैं। एक्जिमा में त्वचा पर लाल, सूजे हुए और पानी भरे दाने निकल आते हैं जिनमें तीव्र खुजली होती है। वहीं, पामोप्लान्टर सोरायसिस (Palmoplantar Psoriasis) में पैरों के तलवों पर मोटी, लाल और पपड़ीदार त्वचा बन जाती है जो फटने पर दर्द और खुजली करती है।

पैर के तलवे में खुजली क्यों होती है?

पैर के तलवे में खुजली सबसे ज्यादा परेशान करती है क्योंकि यहां की त्वचा मोटी होती है और खुजलाना मुश्किल होता है। पैर के तलवे में खुजली के सबसे आम कारण हैं:

  • फंगल इन्फेक्शन (एथलीट्स फुट): पसीने और नमी से तलवों व उंगलियों के बीच फंगस पनपना — सबसे आम कारण।
  • सूखी और फटी त्वचा: तलवों का रूखापन, खासकर सर्दियों में।
  • डायबिटीज / न्यूरोपैथी: हाई ब्लड शुगर से तलवों की नसों में अंदरूनी खुजली और झनझनाहट।
  • एलर्जी (Contact Dermatitis): जूते-चप्पल की सामग्री, मोजे या साबुन से रिएक्शन।
  • लिवर या किडनी की समस्या: लगातार बिना दाने वाली खुजली में शरीर में टॉक्सिन जमा होना।

बाएं या दाएं पैर के तलवे में खुजली का कारण और मतलब

बहुत से लोग मानते हैं कि बाएं या दाएं पैर के तलवे में खुजली होने का कोई शकुन या मतलब होता है। यह सिर्फ एक पारंपरिक धारणा है — इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मेडिकल रूप से, चाहे बाएं पैर में खुजली हो या दाएं, कारण एक ही होते हैं: फंगल इन्फेक्शन, सूखी त्वचा, एलर्जी या डायबिटीज। यदि खुजली सिर्फ एक ही पैर के तलवे में लगातार बनी रहती है, तो उस पैर में लोकल फंगल इन्फेक्शन या एलर्जी की जांच करवाएं। खुजली को शकुन समझकर नजरअंदाज न करें — बार-बार होने वाली खुजली शरीर की किसी असली समस्या का संकेत हो सकती है।

पैरों की खुजली के प्रकार और पहचान (Types and Symptoms)

खुजली का कारणमुख्य लक्षण (Symptoms)स्थान (Location)
एथलीट्स फुटछिलती हुई त्वचा, सफेदी, फफोले और पैरों से बदबू आना।मुख्यतः उंगलियों के बीच और तलवों पर।
सूखी त्वचाखुरदरी त्वचा, सफेद धारियां, एड़ियों का फटना (Cracked heels)।पूरे पैर और एड़ियों पर।
एलर्जी (डर्मेटाइटिस)अचानक लालिमा, सूजन, छोटे दाने (Rashes)।जहां त्वचा एलर्जी वाले पदार्थ के संपर्क में आई हो।
डायबिटीज/न्यूरोपैथीअंदरूनी खुजली, सुन्नपन, सुई चुभने जैसा अहसास, त्वचा रूखी।पैरों के निचले हिस्से और तलवों में।

तुरंत राहत के लिए असरदार घरेलू उपाय (Home Remedies)

यदि खुजली किसी गंभीर मेडिकल स्थिति के कारण नहीं है, तो आप इन घरेलू नुस्खों से तुरंत आराम पा सकते हैं:

1. ठंडे पानी और ओटमील (Oatmeal) का इस्तेमाल

कोलाइडल ओटमील (बारीक पिसा हुआ दलिया) त्वचा की जलन और खुजली को शांत करने के लिए बेहतरीन है। एक टब ठंडे या हल्के गुनगुने पानी में एक कप कोलाइडल ओटमील मिलाएं और अपने पैरों को 15-20 मिनट तक उसमें भिगोएं। ध्यान रहे: कभी भी तेज गर्म पानी का उपयोग न करें, इससे त्वचा का रूखापन और खुजली और बढ़ जाएगी।

2. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

सेब के सिरके में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। यह एथलीट्स फुट (फंगल इन्फेक्शन) में बहुत कारगर है। एक टब पानी में आधा कप कच्चा सेब का सिरका मिलाएं और पैरों को 15 मिनट के लिए डुबोएं। इसके बाद पैरों को अच्छी तरह सुखा लें। (यदि त्वचा पर दरारें या खुले घाव हैं तो इसका इस्तेमाल न करें)।

3. एलोवेरा और नारियल का तेल

सूखी त्वचा के लिए यह सबसे अच्छा मॉइस्चराइज़र है। नहाने के तुरंत बाद (जब त्वचा हल्की नम हो), शुद्ध वर्जिन नारियल तेल या ताज़ा एलोवेरा जेल पैरों और एड़ियों पर अच्छी तरह मलें। यह नमी को त्वचा के अंदर लॉक कर देता है और खुजली पैदा करने वाले रूखेपन को खत्म करता है।

4. बेकिंग सोडा (Baking Soda) पेस्ट

बेकिंग सोडा त्वचा के pH स्तर को संतुलित करता है। 2-3 चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इसे खुजली वाली जगह (विशेषकर जहां दाने हों) पर लगाएं और 10 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें।

पैरों की देखभाल और बचाव (Prevention Tips)

  • पैरों को पूरी तरह सुखाएं: नहाने के बाद तौलिए से पैरों को, खासकर उंगलियों के बीच की जगह को, अच्छी तरह पोंछकर सुखाएं। फंगस हमेशा नमी में पनपता है।
  • सही मोजे और जूते चुनें: हमेशा 100% सूती (Cotton) या ऊनी मोजे पहनें जो पसीना सोख सकें। नायलॉन या सिंथेटिक मोजे पहनने से बचें। जूते ऐसे पहनें जिनमें हवा का संचार (Ventilation) हो सके।
  • रोज मोजे बदलें: यदि आपके पैरों में बहुत पसीना आता है, तो दिन में दो बार मोजे बदलें और जूतों के अंदर एंटी-फंगल पाउडर छिड़कें।
  • नंगे पैर न चलें: सार्वजनिक स्विमिंग पूल, जिम के लॉकर रूम या बाथरूम में नंगे पैर न चलें। हमेशा अपनी चप्पल (Flip-flops) का इस्तेमाल करें।

डॉक्टर के पास कब जाएं? (Red Flags)

अगर घरेलू उपायों से 2 हफ्तों के भीतर खुजली में कोई सुधार न हो, खुजली के कारण त्वचा छिल गई हो और उसमें से मवाद (Pus) या खून निकल रहा हो (संक्रमण का संकेत), पूरे शरीर में भयंकर खुजली हो रही हो, या आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो बिना देर किए तुरंत त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) या फिजिशियन को दिखाएं।

निष्कर्ष

पैरों में खुजली एक ऐसी समस्या है जिसे सही स्वच्छता (Hygiene) और त्वचा की नमी बनाए रखकर काफी हद तक रोका जा सकता है। लेकिन इसे कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर अगर यह आपकी नींद हराम कर रही हो।

संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग) और जनरल मेडिसिन विभाग त्वचा के संक्रमण और उससे जुड़ी अंदरूनी बीमारियों के इलाज के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। अपनी समस्या के सही निदान के लिए आज ही हमारे विशेषज्ञों से संपर्क करें।

Frequently Asked Questions

रात के समय शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है और नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा में रूखापन आता है। इसके अलावा, रात में हमारा दिमाग शांत होता है और बाहरी भटकाव (Distractions) न होने के कारण खुजली का अहसास ज्यादा तीव्रता से होता है। हार्मोनल बदलाव (जैसे कोर्टिसोल का कम होना) भी इसका कारण है।

हाँ, लिवर की गंभीर बीमारियों (जैसे सिरोसिस या हेपेटाइटिस) में जब पित्त (Bile) का प्रवाह रुक जाता है, तो पित्त के लवण (Bile salts) रक्त में घुलकर त्वचा के नीचे जमा हो जाते हैं। इसके कारण हथेलियों और पैरों के तलवों में भयंकर खुजली होती है जो किसी क्रीम से ठीक नहीं होती।

एथलीट्स फुट एक बहुत ही संक्रामक फंगल बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के तौलिए, जूते या मोजे शेयर करने से, या सार्वजनिक गीली जगहों (जैसे जिम का फर्श, स्विमिंग पूल का किनारा) पर नंगे पैर चलने से आसानी से फैल जाता है।

यदि खुजली रूखेपन (Dry skin) के कारण है, तो यूरिया (Urea) या ग्लिसरीन युक्त मॉइस्चराइज़र लगाएं। यदि यह एलर्जी के कारण है, तो डॉक्टर हल्की स्टेरॉयड क्रीम (जैसे हाइड्रोकॉर्टिसोन) दे सकते हैं। फंगल इन्फेक्शन होने पर क्लोट्रिमेज़ोल (Clotrimazole) जैसी एंटी-फंगल क्रीम का इस्तेमाल किया जाता है।

हाँ, डायबिटीज के मरीजों के लिए यह खतरनाक हो सकती है। खुजलाने से त्वचा छिल सकती है और वहां घाव (Ulcer) बन सकता है। हाई ब्लड शुगर के कारण यह घाव जल्दी नहीं भरता और उसमें गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है, जो गैंग्रीन (Gangrene) का रूप भी ले सकता है।

पसीने वाले पैरों में फंगस जल्दी पनपता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूती (Cotton) मोजे पहनें। जूते पहनने से पहले पैरों में एंटी-फंगल या टैल्कम पाउडर छिड़कें। रोज एक ही जूता न पहनें, उसे धूप में सूखने दें और अपने पैरों को एंटी-बैक्टीरियल साबुन से धोकर अच्छी तरह सुखाएं।

बाएं या दाएं पैर में खुजली को लेकर कई पारंपरिक मान्यताएं (शकुन) प्रचलित हैं, लेकिन इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मेडिकल रूप से एक ही पैर के तलवे में लगातार खुजली आमतौर पर उसी पैर में फंगल इन्फेक्शन (एथलीट्स फुट), सूखी त्वचा या एलर्जी का संकेत है। यदि खुजली बार-बार हो, त्वचा छिल रही हो या आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो इसे शकुन न मानकर डॉक्टर से जांच करवाएं।

तलवे की खुजली में हल्के गुनगुने पानी में सेब का सिरका या बेकिंग सोडा डालकर पैर भिगोना, ओटमील बाथ, और नहाने के बाद नारियल तेल या एलोवेरा लगाना राहत देता है। पैरों को हमेशा अच्छी तरह सुखाएं, सूती मोजे पहनें और फंगल इन्फेक्शन होने पर एंटी-फंगल पाउडर या क्रीम इस्तेमाल करें। 2 हफ्ते में आराम न मिले या त्वचा से मवाद निकले, तो त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) को दिखाएं।
Dr. Shailesh Gupta

MBBS, MD - Consultant Physician, Sankalp Hospital

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