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Home Health Blog | May 07, 2026 | 12 min read

पैर के तलवे में जलन क्यों होती है? पैरों में जलन के कारण और रामबाण घरेलू उपाय

पैर के तलवे में जलन क्यों होती है? पैरों में जलन के कारण और रामबाण घरेलू उपाय

क्या आपको रात को सोते समय पैरों के तलवों में सुइयां चुभने, झनझनाहट या तेज जलन (Burning Sensation) महसूस होती है? 'बर्निंग फीट सिंड्रोम' (Burning Feet Syndrome) या पैरों में जलन एक बहुत ही असुविधाजनक और आम समस्या है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन यह बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में सबसे ज्यादा देखी जाती है। यह समस्या इतनी कष्टदायक हो सकती है कि मरीज को रातभर नींद नहीं आती और उन्हें अपने पैर ठंडे फर्श पर या ठंडे पानी में रखने पड़ते हैं। आइए जानते हैं इसके मुख्य कारण, लक्षण और सटीक इलाज के बारे में।

"पैरों में जलन महज एक थकावट का संकेत नहीं है; यह अक्सर नसों की कमजोरी (Neuropathy), खराब रक्त संचार या शरीर में महत्वपूर्ण विटामिन्स की कमी का शुरुआती अलार्म होता है।"

पैरों में जलन के प्रमुख कारण (Causes of Burning Feet)

पैरों में जलन कोई बीमारी नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का एक लक्षण है। इसके पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण होते हैं:

1. डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy)

पैरों में जलन का सबसे आम कारण डायबिटीज है। जब रक्त में शुगर (Glucose) का स्तर लंबे समय तक अनियंत्रित रहता है, तो यह पैरों तक जाने वाली छोटी नसों (Peripheral nerves) और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और आग जैसी जलन महसूस होती है। इसे परिधीय न्यूरोपैथी कहा जाता है।

2. विटामिन B12 और फोलेट की कमी

विटामिन B12 और विटामिन B9 (फोलिक एसिड) हमारे तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को स्वस्थ रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हमारे देश में, विशेषकर शाकाहारी लोगों में, विटामिन B12 की कमी बहुत आम है। नसों का आवरण (Myelin sheath) कमजोर होने से पैरों में झनझनाहट और जलन शुरू हो जाती है।

3. क्रोनिक किडनी रोग (CKD)

जब हमारी किडनी (गुर्दे) ठीक से काम करना बंद कर देती हैं, तो वे रक्त से अपशिष्ट पदार्थों (Toxins) को बाहर नहीं निकाल पातीं। ये टॉक्सिन्स नसों में जमा होने लगते हैं, जिससे यूरिमिक न्यूरोपैथी (Uremic Neuropathy) होती है और पैरों में तेज जलन होती है।

4. अत्यधिक शराब का सेवन (Alcoholic Neuropathy)

लंबे समय तक ज्यादा शराब पीने से नसों को सीधा नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा, अत्यधिक शराब के सेवन से शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों (विशेषकर थायमिन/विटामिन B1) की कमी हो जाती है, जो पैरों में झनझनाहट और जलन का एक बड़ा कारण है।

5. थायरॉयड की समस्या (Hypothyroidism)

यदि थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बनाती है (अंडरएक्टिव थायरॉयड), तो यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है। इसके परिणामस्वरूप नसों पर दबाव बढ़ सकता है और तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिससे पैरों में जलन महसूस होती है।

6. एथलीट्स फुट (Fungal Infection)

यह एक फंगल इन्फेक्शन है जो मुख्य रूप से पैरों की उंगलियों के बीच पनपता है (विशेषकर जो लोग लगातार जूते और मोजे पहनते हैं)। इसमें पैरों में तेज खुजली, लालिमा, त्वचा का फटना और जलन जैसी समस्या होती है।

7. परिधीय धमनी रोग (Peripheral Artery Disease - PAD)

इस बीमारी में पैरों तक शुद्ध रक्त ले जाने वाली धमनियां सिकुड़ जाती हैं। खराब रक्त संचार के कारण पैरों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है, जिससे चलते समय पैरों में दर्द और आराम करते समय जलन महसूस होती है।

अन्य संभावित कारण

  • कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट्स: कीमोथेरेपी की दवाइयां, टीबी की दवा (Isoniazid), या एचआईवी की कुछ दवाइयां।
  • भारी धातुओं की विषाक्तता: शरीर में लेड (Lead), पारा (Mercury) या आर्सेनिक का जमा होना।
  • हार्मोनल बदलाव: मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव।

पैर के तलवे में जलन क्यों होती है? (Burning Soles)

अक्सर मरीज पूछते हैं कि पूरे पैर की बजाय खास तौर पर पैर के तलवे में जलन क्यों होती है। इसका कारण यह है कि शरीर की सबसे लंबी नसें (Nerves) पैर के तलवों तक जाती हैं, इसलिए नसों की कमजोरी (Neuropathy) का असर सबसे पहले और सबसे ज्यादा तलवों पर ही महसूस होता है। तलवों में जलन के सबसे आम कारण हैं:

  • डायबिटिक न्यूरोपैथी: दोनों तलवों में जलन जो रात में बढ़ जाए — यह हाई ब्लड शुगर से नस डैमेज का सबसे पहला संकेत है।
  • विटामिन B12 की कमी: तलवों और उंगलियों में जलन के साथ सुई चुभने जैसा अहसास।
  • देर तक खड़े रहना या सख्त फुटवियर: तलवों की नसों और गद्दी पर लगातार दबाव पड़ने से जलन।
  • फंगल इन्फेक्शन (एथलीट्स फुट): उंगलियों के बीच और तलवों में जलन के साथ खुजली और छिलती त्वचा।

अगर तलवों की जलन रोज़ हो रही है या रात को नींद खराब कर रही है, तो सबसे पहले ब्लड शुगर (HbA1c) और विटामिन B12 की जांच जरूर करवाएं।

डॉक्टर बीमारी का पता (Diagnosis) कैसे लगाते हैं?

सही इलाज के लिए सही कारण का पता लगाना आवश्यक है। इसके लिए डॉक्टर निम्नलिखित जांच कर सकते हैं:

  • नर्व कंडक्शन स्टडी (EMG/NCS): यह जांचने के लिए कि नसें कितनी तेजी से और कितनी अच्छी तरह इलेक्ट्रिक सिग्नल भेज रही हैं।
  • ब्लड टेस्ट: ब्लड शुगर (HbA1c), विटामिन B12 लेवल, थायरॉयड प्रोफाइल (TSH), और किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT)।

पैरों में जलन होने पर क्या करें? रामबाण घरेलू उपाय (Home Remedies)

दवाइयों के साथ-साथ पैरों में जलन के ये घरेलू उपचार तुरंत राहत देते हैं। ध्यान रहे — ये रामबाण उपाय असली इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि सहायक के रूप में अपनाएं:

1. ठंडे पानी की सिकाई (Cold Water Soak)

यह सबसे त्वरित राहत देने वाला उपाय है। रात को सोने से पहले अपने पैरों को 15-20 मिनट के लिए सामान्य ठंडे पानी में डुबो कर रखें। ध्यान दें: बर्फ या बहुत ठंडे (Ice cold) पानी का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे रक्त संचार और भी रुक सकता है और त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।

2. सेंधा नमक (Epsom Salt) का प्रयोग

एप्सम सॉल्ट में मैग्नीशियम सल्फेट होता है जो नसों को आराम पहुंचाता है और सूजन को कम करता है। एक टब गुनगुने पानी में आधा कप एप्सम सॉल्ट मिलाएं और अपने पैरों को 15-20 मिनट तक उसमें भिगोएं। (डायबिटीज के मरीज इसे करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें)।

3. हल्दी और दूध (Turmeric Milk)

हल्दी में 'करक्यूमिन' (Curcumin) होता है जो एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन-रोधी) और एंटी-ऑक्सीडेंट है। यह नसों के दर्द और जलन को कम करने में जादुई असर करता है। रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी और चुटकी भर काली मिर्च मिलाकर पिएं।

4. पैरों की हल्की मालिश (Foot Massage)

सरसों के तेल, जैतून के तेल (Olive oil) या नारियल के तेल को हल्का गुनगुना करके पैरों के तलवों की हल्के हाथों से मालिश करें। मालिश करने से पैरों में रक्त संचार (Blood circulation) बढ़ता है और थकी हुई नसों को आराम मिलता है।

5. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

सेब का सिरका शरीर के pH लेवल को संतुलित करता है। आप एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पी सकते हैं, या फिर पानी के टब में थोड़ा सिरका डालकर उसमें पैर भिगो सकते हैं (यह फंगल इन्फेक्शन में बहुत फायदेमंद है)।

डाइट और लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें?

क्या करें (Do's)क्या न करें (Don'ts)
विटामिन B12 युक्त आहार (दूध, दही, पनीर, अंडे) का सेवन बढ़ाएं।शराब का अत्यधिक सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
डायबिटीज है तो ब्लड शुगर को कड़ाई से नियंत्रण में रखें।बहुत तंग (Tight) या ऊँची एड़ी (High heels) वाले जूते न पहनें।
रोजाना 30 मिनट पैदल चलें या योगा करें (रक्त संचार के लिए)।लंबे समय तक एक ही जगह पर पैर लटकाकर न बैठें।
हमेशा सूती (Cotton) के आरामदायक मोजे पहनें।बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दर्द निवारक गोली न खाएं।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

अगर पैरों में जलन के साथ-साथ सुन्नपन (Numbness) हो, पैर की उंगलियों में कोई घाव या कट लग गया हो जो ठीक नहीं हो रहा हो, जलन अचानक बहुत तेज हो जाए और पैरों से होते हुए टांगों तक पहुंच जाए, तो इसे घरेलू उपायों पर न छोड़ें। यह गंभीर न्यूरोपैथी का संकेत है और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

निष्कर्ष

पैरों में जलन एक ऐसी समस्या है जिसे नजरअंदाज करने से यह आपकी रातों की नींद हराम कर सकती है। यदि आपको या आपके परिवार में किसी को यह समस्या है, तो सबसे पहले अपने ब्लड शुगर और विटामिन लेवल की जांच कराएं।

संकल्प हॉस्पिटल (अंबिकापुर) का जनरल मेडिसिन और न्यूरोलॉजी विभाग डायबिटिक न्यूरोपैथी और तंत्रिका संबंधी रोगों के इलाज के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। हमारे विशेषज्ञ डॉक्टर आपकी समस्या के मूल कारण (Root cause) का पता लगाकर आपको बेहतरीन चिकित्सा और परामर्श प्रदान करेंगे।

Frequently Asked Questions

रात के समय हमारी हृदय गति (Heart rate) और रक्तचाप (Blood pressure) कम हो जाता है, जिससे पैरों की ओर रक्त संचार थोड़ा धीमा हो जाता है। इसके अलावा रात में हमारा ध्यान बाहरी दुनिया से हटकर शरीर की ओर केंद्रित होता है, जिससे दर्द या जलन का अहसास अधिक तीव्रता से होता है। इसे 'पेरिफेरल न्यूरोपैथी' का क्लासिक संकेत माना जाता है।

हाँ, मुख्य रूप से विटामिन B12, विटामिन B6 और विटामिन B9 (फोलेट) की कमी नसों को कमजोर कर देती है। विटामिन B12 नसों के बाहरी आवरण (Myelin) को सुरक्षित रखता है। इसकी कमी से पैरों में झनझनाहट और सुई चुभने जैसा दर्द और जलन होती है।

यह इस बात पर निर्भर करता है कि जलन का कारण क्या है। यदि यह विटामिन की कमी, एथलीट्स फुट या थायरॉयड के कारण है, तो सही इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। लेकिन यदि यह 'डायबिटिक न्यूरोपैथी' के कारण है, तो नसों के नुकसान को पूरी तरह पलटा (Reverse) नहीं जा सकता, हालांकि ब्लड शुगर कंट्रोल और दवाइयों से जलन को 90% तक कम जरूर किया जा सकता है।

सबसे पहले फास्टिंग और पीपी ब्लड शुगर, HbA1c (पिछले 3 महीने का शुगर लेवल), विटामिन B12 का स्तर, थायरॉयड प्रोफाइल (TSH), और किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) करवाना चाहिए। नसों की कमजोरी जांचने के लिए डॉक्टर NCV (Nerve Conduction Velocity) टेस्ट की सलाह भी दे सकते हैं।

नहीं। पैरों में जलन होने पर सीधे बर्फ (Ice block) रगड़ना या पैरों को बर्फ के ठंडे पानी में डुबाना सुरक्षित नहीं है। इससे ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) अचानक सिकुड़ सकती हैं और त्वचा या नसों को फ्रॉस्टबाइट (Frostbite) जैसा नुकसान हो सकता है। हमेशा सामान्य या हल्का ठंडा पानी (Cool water) ही इस्तेमाल करें।

अकेले यूरिक एसिड बढ़ने से पूरे तलवे में जलन नहीं होती। यूरिक एसिड बढ़ने (Gout) पर आमतौर पर पैर के अंगूठे के जोड़ (Big toe joint) में अचानक बहुत तेज दर्द, लालिमा और भयंकर सूजन होती है, जिसे मरीज जलन या आग निकलने जैसा भी महसूस कर सकता है।

पैर के तलवे में जलन के लिए सबसे असरदार घरेलू उपाय हैं — रात को सोने से पहले 15-20 मिनट सामान्य ठंडे पानी में पैर डुबोना, सरसों या नारियल के गुनगुने तेल से तलवों की हल्की मालिश, और सोने से पहले हल्दी वाला गर्म दूध पीना। बर्फ के पानी का इस्तेमाल न करें। साथ ही विटामिन B12 युक्त आहार लें और ब्लड शुगर कंट्रोल रखें, क्योंकि तलवों की जलन का असली इलाज उसके कारण को ठीक करने में है।

डायबिटीज में लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहने से पैरों तक जाने वाली छोटी नसें धीरे-धीरे डैमेज हो जाती हैं, जिसे 'डायबिटिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी' कहते हैं। इसी वजह से डायबिटीज के मरीजों को तलवों में जलन, झनझनाहट और सुन्नपन होता है, जो अक्सर रात में बढ़ जाता है। ब्लड शुगर को सख्ती से कंट्रोल करना ही इसे रोकने और आगे बढ़ने से बचाने का सबसे जरूरी कदम है।

हाथ-पैरों की जलन में ठंडे पानी की सिकाई, तेल से मालिश, हल्दी दूध और एप्सम सॉल्ट के गुनगुने पानी में पैर भिगोना राहत देते हैं। खानपान में विटामिन B12 (दूध, दही, अंडे) और मैग्नीशियम बढ़ाएं तथा शराब से बचें। यदि हाथ और पैर दोनों में एक साथ जलन बनी रहती है, तो यह विटामिन की कमी या न्यूरोपैथी का संकेत हो सकता है — जांच जरूर करवाएं।

पैर में जलन का इलाज उसके मूल कारण पर निर्भर करता है। डायबिटीज होने पर शुगर कंट्रोल, विटामिन B12 की कमी में मिथाइलकोबालामिन की गोलियां या इंजेक्शन, और तेज नस दर्द में डॉक्टर की सलाह पर प्रीगैबालिन या गैबापेंटिन जैसी दवाएं दी जाती हैं। बिना जांच के खुद से कोई दवा न लें — सही कारण पता चलने पर ही जलन का स्थायी इलाज संभव है।
Dr. Shailesh Gupta

MBBS, MD - Consultant Physician, Sankalp Hospital

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