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Burning Feet

पैरों में जलन (Jalan)

May 7, 2026    8 min read

पैरों में जलन एक आम समस्या है जो कई कारणों से हो सकती है। कई बार यह हल्की होती है और कुछ देर में ठीक हो जाती है, लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता होती है। पैरों में जलन का अनुभव अक्सर रात को अधिक होता है, जो नींद को प्रभावित कर सकता है।

"पैरों में जलन अक्सर तंत्रिका समस्या, खून संचार, या पोषण की कमी का संकेत हो सकती है। इसे नज़रअंदाज़ न करें क्योंकि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का पहला लक्षण हो सकती है।"

पैरों में जलन क्या है?

पैरों में जलन एक असामान्य sensitation है जिसमें पैरों में गर्मी, जलन, या झनझनाहट महसूस होती है। इसे मेडिकल भाषा में "बर्निंग फीट सिंड्रोम" कहते हैं। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन बुजुर्गों में अधिक आम है।

जलन पैरों के तलवे में, उंगलियों में, या पूरे पैर में महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में जलन इतनी तेज होती है कि चलना मुश्किल हो जाता है।

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पैरों में जलन के कारण

पैरों में जलन कई कारणों से हो सकती है। आइए विस्तार से जानें:

1. परिधीय न्यूरोपैथी (Peripheral Neuropathy)

यह पैरों में जलन का सबसे आम कारण है। तंत्रिकाओं को नुकसान से पैरों में जलन, झनझनाहट और सुन्नपन होता है। नसों का यह क्षति आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरू में पैरों की उंगलियों में दिखती है, फिर पूरे पैर तक फैल सकती है।

लक्षण: पैरों में जलन या झनझनाहट, सुन्नपन, दर्द में छड़ने जैसा अनुभव, संवेदनशीलता में कमी।

2. मधुमेह (Diabetes)

मधुमेह (डायबिटीज) में ब्लड शुगर का अधिक होना नसों को नुकसान पहुंचाता है। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। उच्च रक्त शर्करा नसों की दीवारों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे तंत्रिकाएं सही से काम करना बंद कर देती हैं।

लक्षण: पैरों में जलन (विशेषकर रात को), सुन्नपन, पैरों में कमजोरी, घाव जो धीरे से ठीक होते हैं।

3. विटामिन बी12 की कमी

विटामिन बी12 तंत्रिकाओं के स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से पैरों में जलन के साथ-साथ कमजोरी, थकान, और संतुलन में समस्या भी हो सकती है। शाकाहारी लोगों में यह कमी अधिक देखी जाती है क्योंकि बी12 मुख्यतः मांस और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है।

4. विटामिन बी9 (फोलिक एसिड) की कमी

फोलिक एसिड की कमी भी तंत्रिका समस्याओं का कारण बन सकती है। यह गर्भावस्था, कुछ दवाइयों, या खराब आहार से हो सकती है।

5. खून का बहाव कम होना

पैरों में खून का प्रवाह कम होने से जलन हो सकती है। यह समस्या पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) में होती है। इसमें धमनियां संकुड़ित हो जाती हैं, जिससे खून सही से नहीं पहुंचता।

लक्षण: पैरों में ठंडक, जलन, दर्द (विशेषकर चलने पर), त्वचा का रंग बदलना।

6. किडनी की समस्या ( Kidney Disease )

जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं। यह तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और पैरों में जलन कर सकता है।

7. थायरॉयड की समस्या

हाइपोथायरॉइडिज्म (कम थायरॉयड) में पैरों में जलन हो सकती है। थायरॉयड हार्मोन का कम होना चयापचय को प्रभावित करता है।

8. संक्रमण और फंगल इंफेक्शन

पैरों में फंगल इंफेक्शन (एथलीट्स फुट) से भी जलन हो सकती है। यह जूतों में रहने वाले फंगस से फैलता है।

9. दवाइयों के साइड इफेक्ट

कुछ दवाइयां पैरों में जलन का कारण बन सकती हैं। केमोथेरेपी, HIV की दवाइयां, कुछ एंटीबायोटिक्स, और दर्द की दवाइयां इसमें शामिल हैं।

10. एल्कोहल का अधिक सेवन

शराब का अधिक सेवन तंत्रिकाओं को सीधे नुकसान पहुंचाता है। इसे अल्कोहलिक न्यूरोपैथी कहते हैं। यह विटामिन की कमी और शराब की विषाक्तता दोनों से होती है।

पैरों में जलन के प्रकार

प्रकार कारण लक्षण
तंत्रिका जलन न्यूरोपैथी, डायबिटीज झनझनाहट, सुन्नपन
खून संचार जलन PAD, धमनी समस्या ठंडक, थकान चलने पर
त्वचा जलन फंगल इंफेक्शन, एलर्जी लालिमा, खुजली, छिलना
मांसपेशी जलन खिंचाव, थकान दर्द, कमजोरी

घरेलू उपाय

रात को जलन से राहत के लिए:

सोने से पहले पैरों को ठंडे पानी में 15-20 मिनट भिगोएं (बर्फीला नहीं, बस ठंडा)। सूती मोज़े पहनकर सोएं। पैरों को उंचा रखकर सोएं। तकिये पर पैर रखें।

1. पैरों को ठंडे पानी में भिगोएं

गर्म पानी से जलन और भी बढ़ सकती है, इसलिए ठंडे पानी का उपयोग करें। 15-20 मिनट तक पैरों को ठंडे पानी में रखें। यह तुरंत राहत देता है। लेकिन बर्फीला पानी न लें - इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है।

2. पैरों को उंचा रखें

बैठे या लेटे समय पैरों को तकिये की मदद से उंचा रखें। यह खून के बहाव को बेहतर बनाता है और जलन कम करता है। दिन में कई बार 15-20 मिनट तक ऐसे रहें।

3. आरामदायक जूते पहनें

तंग या कसकर जूते न पहनें। सांस लेने वाले जूते चुनें जिनमें पैरों को आराम मिले। नए जूते पहनते समय मोज़े पहनें।

4. व्यायाम करें

हल्के व्यायाम से खून का बहाव बेहतर होता है। पैरों की उंगलियों को हिलाने के अभ्यास करें। पैरों को गोल-गोल घुमाएं। रोज़ाना 30 मिनट तक चलना फायदेमंद है।

5. मैग्नीशियम और पोटेशियम

इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से भी जलन हो सकती है। प्रचुर मात्रा में फल और सब्जियां खाएं। केला, एवोकाडो, और हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं।

पोषण और आहार

पैरों में जलन को कम करने के लिए आहार में इन पोषक तत्वों को शामिल करें:

  • विटामिन बी12: अंडे, दूध, मछली, मांस
  • विटामिन बी6: केला, एवोकाडो, चिकन
  • मैग्नीशियम: मेवे, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां
  • फोलिक एसिड: हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स
  • ओमेगा-3: मछली, अलसी के बीज, अखरोट
Healthy diet
खाएं न खाएं या कम करें
हरी पत्तेदार सब्जियां शराब
मछली (ओमेगा-3) चीनी और मीठे पदार्थ
मेवे और बीज प्रोसेस्ड फूड
पपीता, केला कैफीन (ज्यादा मात्रा में)
दही (प्रोबायोटिक) तला हुआ खाना

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

तुरंत चिकित्सा ध्यान की आवश्यकता:

जलन कई हफ्तों से ज्यादा है और घरेलू उपायों से कम नहीं हो रही। पैरों में घाव हो गए हैं या ठीक नहीं हो रहे। पैरों में सुन्नपन भी है। बुखार के साथ जलन है। रक्त शर्करा का स्तर ज्यादा है। पैरों का रंग बदल रहा है (नीला या काला)।

डॉक्टर क्या जांच करेंगे?

डॉक्टर निम्नलिखित जांच कर सकते हैं:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पैरों में जलन क्यों होती है?

पैरों में जलन कई कारणों से हो सकती है - तंत्रिका समस्या (न्यूरोपैथी), मधुमेह, विटामिन की कमी, खून का बहाव कम होना, संक्रमण, या दवाइयों के साइड इफेक्ट। सही कारण जानने के लिए चिकित्सा जांच जरूरी है।

पैरों में जलन का इलाज क्या है?

इलाज कारण पर निर्भर करता है। मधुमेह की वजह से हो तो शर्करा नियंत्रित करना जरूरी है। विटामिन की कमी हो तो सप्लीमेंट्स लें। तंत्रिका दर्द के लिए दर्द-रोधी दवाइयां और स्थानीय क्रीम दी जा सकती हैं। गंभीर मामलों में अन्य उपचार भी हो सकते हैं।

क्या पैरों की जलन डायबिटीज का लक्षण है?

हां, पैरों में जलन डायबिटीज का एक आम लक्षण है। उच्च रक्त शर्करा नसों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे जलन, झनझनाहट और सुन्नपन होता है। यदि आपको बार-बार पैरों में जलन हो रही है, तो रक्त शर्करा जांच जरूर कराएं।

रात को पैरों में जलन क्यों बढ़ती है?

रात को जलन बढ़ने के कई कारण हैं। एक तरफ, दिन में हम व्यस्त रहते हैं और ध्यान नहीं देते। दूसरी तरफ, लेटने पर पैरों में खून का बहाव बढ़ता है जो जलन को बढ़ा सकता है। गर्म कंबल और मोज़े भी त्वचा को गर्म रखते हैं जो जलन बढ़ा सकता है।

क्या विटामिन की कमी से पैरों में जलन हो सकती है?

हां, विटामिन बी12, बी6, और फोलिक एसिड की कमी से पैरों में जलन हो सकती है। ये विटामिन तंत्रिकाओं के स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं। शाकाहारी लोगों में बी12 की कमी अधिक देखी जाती है। रक्त जांच से कमी का पता लगाया जा सकता है।

पैरों की जलन को कैसे रोकें?

पैरों की जलन को रोकने के लिए: आरामदायक जूते पहनें, नियमित व्यायाम करें, रक्त शर्करा और विटामिन का स्तर नियंत्रित रखें, शराब से बचें, पैरों को साफ और सूखा रखें, और पर्याप्त पानी पिएं।

क्या घरेलू उपाय से पैरों की जलन ठीक हो सकती है?

हल्की जलन घरेलू उपायों से ठीक हो सकती है। ठंडे पानी से पैर भिगोना, पैरों को उंचा रखना, आरामदायक जूते, और पोषण युक्त आहार मदद करते हैं। लेकिन अगर 2-3 हफ्तों में सुधार न हो तो डॉक्टर से मिलें।

क्या मधुमेह रोगियों को पैरों की जलन से बचाव करना चाहिए?

हां, मधुमेह रोगियों को पैरों की जलन और अन्य समस्याओं से विशेष ध्यान रखना चाहिए। रोज़ाना पैरों की जांच करें, किसी भी घाव को नज़रअंदाज़ न करें, आरामदायक जूते पहनें, और नियमित रूप से डॉक्टर से जांच कराएं।

पैरों में जलन की समस्या है?

विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।

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